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स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाम, बुखार का कहर बरकरार
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:54 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें नाकाम, बुखार का कहर बरकरार
क्रासर...
जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 15 मरीज है भर्ती, घर-घर चारपाई पर पड़े हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में बुखार बेकाबू हो गया है। घर-घर लोग चारपाई पर पड़े हैं। जिला अस्पताल में भी बुखार से पीड़ित करीब 15 मरीज भर्ती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का आलम यह है कि झोलाछाप घर पहुंचकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। वहीं जिन गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन गांवों में कैंप लगाने या टीम भेजने का दावा किया जा रहा हैं। वह भी बुखार पीड़ितों की संख्या कम होती नहीं दिख रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के दावे पूरी तरह फेल होते दिख रहे हैं।
जिले में बुखार से अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग बुखार को रोकने में नाकाम साबित दिखाई दे रहा है। मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में गांव में कैंप लगाकर खानापूर्ति कर देता है। इसका ताजा उदाहरण पूरनपुर व बीसलपुर ब्लॉक है। पूरनपुर में तेज बुखार से एक और बीसलपुर में किशोरी समेत दो की मौत हो चुकी है। इन ब्लॉकों के ग्यासपुर, मीरपुर, जसोली, दिवाली, भौंरुआ, राजूपुर कुंडरी, शहवाजपुर, रढै़ता आदि गांवों में अभी भी बुखार का प्रकोप जारी रहा है। घर-घर लोग चारपाई पर पड़े हैं। बेहतर इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण लोग सीएचसी पीएचसी पर नहीं जाकर झोलाछापों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कुुछ एक गांव तो ऐसे हैं जहां ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का आज भी इंतजार कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ बुखार प्रभावित क्षेत्रों में दौरा कर औपचारिकता निभाने में लगी है। जिन गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं वह भी बुखार का प्रकोप रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल बुखार प्रभावित क्षेत्रों व बुखार से हुई मौतों की जानकारी पर गांव-गांव टीमें भेजने का दावा कर रही हैं।
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क्रासर...
जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 15 मरीज है भर्ती, घर-घर चारपाई पर पड़े हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में बुखार बेकाबू हो गया है। घर-घर लोग चारपाई पर पड़े हैं। जिला अस्पताल में भी बुखार से पीड़ित करीब 15 मरीज भर्ती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का आलम यह है कि झोलाछाप घर पहुंचकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। वहीं जिन गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन गांवों में कैंप लगाने या टीम भेजने का दावा किया जा रहा हैं। वह भी बुखार पीड़ितों की संख्या कम होती नहीं दिख रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के दावे पूरी तरह फेल होते दिख रहे हैं।
जिले में बुखार से अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग बुखार को रोकने में नाकाम साबित दिखाई दे रहा है। मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में गांव में कैंप लगाकर खानापूर्ति कर देता है। इसका ताजा उदाहरण पूरनपुर व बीसलपुर ब्लॉक है। पूरनपुर में तेज बुखार से एक और बीसलपुर में किशोरी समेत दो की मौत हो चुकी है। इन ब्लॉकों के ग्यासपुर, मीरपुर, जसोली, दिवाली, भौंरुआ, राजूपुर कुंडरी, शहवाजपुर, रढै़ता आदि गांवों में अभी भी बुखार का प्रकोप जारी रहा है। घर-घर लोग चारपाई पर पड़े हैं। बेहतर इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण लोग सीएचसी पीएचसी पर नहीं जाकर झोलाछापों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कुुछ एक गांव तो ऐसे हैं जहां ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का आज भी इंतजार कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ बुखार प्रभावित क्षेत्रों में दौरा कर औपचारिकता निभाने में लगी है। जिन गांवों में मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं वह भी बुखार का प्रकोप रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल बुखार प्रभावित क्षेत्रों व बुखार से हुई मौतों की जानकारी पर गांव-गांव टीमें भेजने का दावा कर रही हैं।
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