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तटबंध नही बना सकते तो जियो ट्यूब का बांध ही बना दो

Sat, 11 Aug 2018 12:20 AM IST
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:20 AM IST
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तटबंध नही बना सकते तो जियो ट्यूब का बांध ही बना दो
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तटबंध नही बना सकते तो जियो ट्यूब का बांध ही बना दो
सिंचाई महकमे की सुस्त चाल देख पीड़ित किसानों ने उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा नदी का जलस्तर घटने के बाद कुछ स्थानों पर कटान की गति तो धीमी हो चुकी है, लेकिन नदी अब भी कृषि फसलों समेत जमीन व पत्थर की ठोकरों को लगातार अपना निशाना बनाए हुए है। सिंचाई महकमे द्वारा कोई बचाव कार्य न किए जाने से घबराए किसानों ने अब सरकार से तटबंध के स्थान पर जियो ट्यूब का बांध बनाने की गुहार लगाई गई है, ताकि आबादी क्षेत्र व शारदा सागर डैम को बचाया जा सके।
शारदा नदी ने चालू बरसात के मौसम में क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण स्थानों पर कटान शुरू किया था। नदी ने जहां रमनगरा बुझिया में ठोकरें बनाने के स्थान पर कटान किया, वहीं अपस्ट्रीम में बनी ठोकरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। सिंचाई महकमे के सूत्रों के मुताबिक जब पत्थर की ठोकरों पर पानी की धार का प्रेशर पड़ता है तो ठोकरें क्षतिग्रस्त होने का खतरा तो रहता है, लेकिन नदी की धार ठोकरों से टकराकर दूसरे किनारे की ओर चली जाती है। यहां पर भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। यहां ठोकरें तो क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन नदी की धार बाएं किनारे की ओर चली गई। यहां कटान अभी थमा चल रहा है।
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धुरिया पलिया में भी नहीं सुधरे हालात
धुरिया पलिया में शारदा नदी ने कटान करते हुए धान व गन्ने की खड़ी फसल समेत करीब 125 एकड़ कृषि भूमि निगल ली। पीड़ित किसानों ने जब हो-हल्ला मचाया तो सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर काम करने से इंकार कर दिया कि एक तो उनके पास बजट नहीं है दूसरे जहां पर नदी की ठोकरें बनी हैं जब तक नदी वहां नहीं पहुंचती तब तक वह कुछ नहीं कर सकते। फिलहाल नदी यहां कटान करती आ रही है और जिम्मेदार सिंचाई महकमा यहां ठोकरें बचाने को रेत भरे बोरे डलवाकर काम चलाता आ रहा है।
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बांध नहीं बना तो शेष बचा इलाका भी होगा तबाह
इधर जब कटान की गति धीमी हुई तो किसानों नेे आबादी, कृषि भूमि व शारदा डैम को बचाने की मांग उठानी शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार यदि यहां पर तटबंध नहीं बना सकती तो रमनगरा से लेकर बुझिया तक व धुरिया पलिया तक जियो टयूब का बांध बनाया जाए। हालांकि सरकार को इस पूरे इलाके में ही नदी के दाहिने किनारे पर तटबंध बनाना चाहिए, लेकिन यदि सरकार के पास बजट नहीं है तो जिस तरह से सिंचाई विभाग ने नोमैंस लैंड के पास सनेड़ी तटबंध तक जो जियो ट्यूब का बांध बनाया था, इस इलाके में वैसा ही बांध बनाया दिया जाए। यदि जल्द ही यहां बांध नहीं बनाया गया तो नदी इस शेष बचे इलाके को भी तबाह कर देगी और शारदा डैम भी जद में आ सकता है।
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जियो ट्यूब का बांध बनाने की उठी मांग
रमनगरा के ग्राम प्रधान प्रशांत साना, बिल्लू राजभर, भूदेव दास, सुरेश राणा आदि ने रमनगरा में जियो ट्यूब का बांध बनाने की गुहार लगाई है। इन सभी कहना है कि यहां स्पर संख्या छह के सामने जो जियो ट्यूब लगाए गए थे, उससे तो फायदा हुआ, लेकिन नदी की धार डायवर्ट करने को जो लाखों रुपया खर्च किया गया उसका कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं धुरिया पलिया के प्रधान सत्यनारायण, पूर्व प्रधान हरेंद्र सिंह, प्रधान कमलाकर सिंह, दलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मनप्रीत सिंह आदि ने भी धुरिया पलिया में बांध बनाने की मांग उठाई है। पीड़ित किसानों ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मदद की गुहार लगाई है।

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वर्जन:
रमनगरा बुझिया व धुरिया पलिया में नदी के कटान को देखते हुए अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए गए हैं। बजट का अभाव है। अधिकारियों के दिशा निर्देश पर आगे के बचाव कार्य कराए जाएंगे। जियो ट्यूब के बांध के बारे में उच्चाधिकारी ही निर्णय लेंगे।
ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
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