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कंजरिया घाट 3.65 और रमनगरा घाट 1.55 लाख में नीलाम
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:52 PM IST
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टाइगर रिजर्व बनने के बाद वन विभाग ने शारदा नदी के रमनगरा व कंजरिया घाटों की नीलामी बुधवार को कर दी। इस वर्ष इन दोनों घाटों की नीलामी गत वर्ष की अपेक्षा काफी ऊंची बोली पर की गई है। बताते हैं कि इन दोनों घाटों से अवैध व्यापार धड़ल्ले से किया जाता है। रमनगरा घाट की नीलामी 1.55 लाख रुपये में की गई है। बीते वर्ष यह 80 हजार रुपये में नीलाम हुई थी। वहीं, कंजरिया घाट का पिछले साल 80 हजार रुपये में ठेका दिया गया था, लेकिन इस बार यह घाट 3.65 लाख रुपये में नीलाम किया गया। दोनों घाटों की बोली ऊंचे दामों पर होने के पीछे भी खास वजह बताई जाती है। रमनगरा घाट से रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व लग्गा भग्गा क्षेत्र के सटे इलाके में लगभग डेढ़ हजार एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमणकारी खेती करते हैं। घाट का ठेका लेने वाला ठेकेदार इन अवैध कब्जेदारों से गेहूं व धान के सीजन में मात्र नाव से आने-जाने के एवज में फसल उगाहते हैं। वहीं, कंजरिया घाट खाद, पशु तस्करी सहित नेपाल को मादक पदार्थों की तस्करी का गढ़ माना जाता है। बताते हैं कि बुधवार को इस घाट की नीलामी में कुछ अतिक्रमणकारी भी पहुंचे। इसी वजह से बोली अधिक लगी। मजे की बात यह है कि इस घाट से पूर्वी दिशा में मझारा घाट पड़ता है, जिसको वन विभाग बिना नीलाम किए ही नाव संचालन की इजाजत दे देता है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद वन विभाग घाटों की नीलामी तो कर रहा है, लेकिन ठेकेदारों पर ऐसी कोई शर्त नहीं रखी, जिससे वन भूमि का अतिक्रमण रुक सके। फिलहाल मामला जो भी हो, शारदा नदी के ये दोनों घाट कर्मचारियों के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो रहे हैं।
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