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250 की जरूरत और 100 केवीए के ट्रांसफार्मर से हो रही विद्युत सप्लाई, फाल्ट होना लाजिमी
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शहर में कोतवाली रोड पर रखा ट्रांसफार्मर।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जिला मुख्यालय को भले ही 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का दावा किया जा रहा हो, मगर ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर और लाइनें जर्जर होने के कारण फॉल्ट अभी भी जारी हैं। इससे घंटों सप्लाई बाधित रहती है। जिस स्थान पर 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर की जरूरत है, वहां 100 केवीए के ट्रांसफॉर्मर से ही काम चलाया जा रहा है। भीषण गर्मी में कटौती से उपभोक्ता और विद्युतकर्मी दोनों बेहाल हैं।
शहर का एक बड़ा हिस्सा अघोषित कटौती की मार झेल रहा है। दिन हो या रात फाल्ट के नाम पर चार से पांच घंटे रोजाना बिजली गुल होना तय है। उपभोक्ता और विद्युतकर्मी दोनों बेहाल है। ये समस्या गर्मियों में भीषण रूप लेते ही शुरू हो जाती है। अधिकारी भी यह बात कहते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए एक कदम आगे नहीं बढ़या जा सका है। इसको लेकर प्लानिंग तो बना ली गई, लेकिन काम कब तक शुरू होगा? यह कोई बताने को तैयार नहीं है। शहर की बिजली सप्लाई सुचारु रखने के लिए कुल 17 फीडर हैं। लंबे समय से टाउन वन, टू, थ्री और फोर में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है, इससे करीब 12 हजार उपभोक्ता यानी आधा शहर प्रभावित है।
इन मोहल्लों में है ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर
मोहल्ला शेर मोहम्मद में मद्दे की पुलिया के पास 100 केवीए का ट्रांसफॉर्मर रखा है। जो ओवरलोड होने से अक्सर फुंक जाता है। खुदगंज में मदरसा के पास रखा ट्रांसफॉर्मर दो दिन पहले ओवरलोड को लेकर फुंक गया था। इसके अलावा नौगवा पकड़िया में करबला के पास, कृष्ण लोक कॉलोनी, नकाटादाना चौराहे पर 100 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं और यहां 250 की जरूरत है। इस ओर अभी तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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यहां अक्सर होते हैं फॉल्ट
नौगवा पकड़िया, मोहल्ला बेनी चौधरी, फीलखाना, लालरोड, मोतीराम चौराहा, साहूकारा, मुख्य बाजार, रंगीलाल चौराहा आदि में सबसे ज्यादा जर्जर लाइनें हैं। इन से आए दिन फॉल्ट होते हैं और घंटों बिजली गुल रहती है। यह समस्या विद्युत लाइन सुधरने के बाद ही खत्म हो सकती है।
- 90 लाख यूनिट हर माह शहर में बिजली की खपत।
- 17 प्रतिशत लाइन लॉस शहर में।
- 06 करोड़ रुपये के बनते हैं बिजली के बिल।
- 5.25 करोड़ की विभाग कर पाता है वसूली।
- 20 किलोमीटर के बदले जाने हैं तार।
- 17 फीडरों से संचालित हो रही शहर की सप्लाई।
कई मोहल्ला में ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों को बदलवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट स्वीकृति होने के बाद 100 के स्थान पर 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर रखवाए जाएंगे। - जहांगीर आलम, अवर अभियंता शहर
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शहर का एक बड़ा हिस्सा अघोषित कटौती की मार झेल रहा है। दिन हो या रात फाल्ट के नाम पर चार से पांच घंटे रोजाना बिजली गुल होना तय है। उपभोक्ता और विद्युतकर्मी दोनों बेहाल है। ये समस्या गर्मियों में भीषण रूप लेते ही शुरू हो जाती है। अधिकारी भी यह बात कहते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए एक कदम आगे नहीं बढ़या जा सका है। इसको लेकर प्लानिंग तो बना ली गई, लेकिन काम कब तक शुरू होगा? यह कोई बताने को तैयार नहीं है। शहर की बिजली सप्लाई सुचारु रखने के लिए कुल 17 फीडर हैं। लंबे समय से टाउन वन, टू, थ्री और फोर में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है, इससे करीब 12 हजार उपभोक्ता यानी आधा शहर प्रभावित है।
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इन मोहल्लों में है ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर
मोहल्ला शेर मोहम्मद में मद्दे की पुलिया के पास 100 केवीए का ट्रांसफॉर्मर रखा है। जो ओवरलोड होने से अक्सर फुंक जाता है। खुदगंज में मदरसा के पास रखा ट्रांसफॉर्मर दो दिन पहले ओवरलोड को लेकर फुंक गया था। इसके अलावा नौगवा पकड़िया में करबला के पास, कृष्ण लोक कॉलोनी, नकाटादाना चौराहे पर 100 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं और यहां 250 की जरूरत है। इस ओर अभी तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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यहां अक्सर होते हैं फॉल्ट
नौगवा पकड़िया, मोहल्ला बेनी चौधरी, फीलखाना, लालरोड, मोतीराम चौराहा, साहूकारा, मुख्य बाजार, रंगीलाल चौराहा आदि में सबसे ज्यादा जर्जर लाइनें हैं। इन से आए दिन फॉल्ट होते हैं और घंटों बिजली गुल रहती है। यह समस्या विद्युत लाइन सुधरने के बाद ही खत्म हो सकती है।
- 90 लाख यूनिट हर माह शहर में बिजली की खपत।
- 17 प्रतिशत लाइन लॉस शहर में।
- 06 करोड़ रुपये के बनते हैं बिजली के बिल।
- 5.25 करोड़ की विभाग कर पाता है वसूली।
- 20 किलोमीटर के बदले जाने हैं तार।
- 17 फीडरों से संचालित हो रही शहर की सप्लाई।
कई मोहल्ला में ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों को बदलवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट स्वीकृति होने के बाद 100 के स्थान पर 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर रखवाए जाएंगे। - जहांगीर आलम, अवर अभियंता शहर