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शेषनाग में भजन कीर्तन कर रास्ता साफ होने का इंतजार कर रहे पीलीभीत के 25 श्रद्धालु

Mon, 11 Jul 2022 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 01:00 AM IST
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25 pilgrims of Pilibhit waiting to clear the way by chanting hymns in Sheshnag
अमरनाथ बाबा के दर्शन के लिए शेषनाग में प्रार्थना करते पीलीभीत के श्रद्धालु। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए शहर और आसपास के 25 लोगों का जत्था शेषनाग में रुक गया है। जत्थे में शामिल रहे 85 लोग वापसी की ओर हैं। वे शेषनाग से बसों में सवार होकर रविवार को वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हो गए।
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अमरनाथ यात्रा के लिए 30 जून को 110 श्रद्धालुओं का जत्था दो बसों से रवाना हुआ था। जत्था आठ जुलाई को शाम छह बजे शेषनाग पहुंच गया था। बादल फटने पर आगे का सफर रुक गया। तभी से श्रद्धालु वहीं रुके थे। शेषनाग में मौजूद सभासद जगन्नाथ लोधी ने बताया कि हादसे के बाद लोगों के घर से बार-बार फोन आ रहे हैं और इसके चलते उनके जत्थे के 85 लोग वापस हो गए हैं। अमरनाथ बाबा के दर्शन का इरादा छोड़कर 85 लोग वैष्णो देवी के लिए चले गए हैं। चार दिन बाद कटरा में मिलेंगे। तब तक उम्मीद है कि जो 25 लोग रह गए हैं, उन्हें बाबा अमरनाथ के दर्शन हो जाएंगे। क्योंकि आर्मी बड़ी तेजी के साथ रास्ता साफ करने और व्यवस्थाएं सुचारु करने में लगी हुई है।
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शेषनाग में मौजूद आर्मी अफसर बता रहे हैं कि एक-दो दिन में यात्रा शुरू होने के आसार हैं। इसलिए वह रुक गए हैं। असल में घर के लोग तो उनसे भी कह रहे थे कि वापस आ जाएं लेकिन सोचा कि जब इतनी दूर आए हैं तो दर्शन करके ही वापस जाएं। जगन्नाथ के साथ मौजूद उमा ने बताया कि उन्हें शेषनाग में ठहरे हुए दो दिन बीत गए। यहां पर हेलिपैड बना हुआ है। टेंट में रहने वाले श्रद्धालु वहां पर एकत्र हो जाते हैं और इसके बाद भजन कीर्तन करके हालात सामान्य होने की प्रार्थना बाबा अमरनाथ से करते हैं। सुबह शाम भंडारे पर घर जैसा भोजन मिल रहा है। टेंट में रहना फ्री हो गया है।
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उमा के पिता हरिओम ने बताया कि मौसम साफ है। रविवार को सुबह बारिश हुई थी तब तंबू में चले गए। अब मौसम ठीक है। वीडियो कॉल करके परिवार वालों को जब यहां का हाल दिखाया तब वे बोले चलो दर्शन करके ही लौट आना लेकिन इससे पहले तक यही जोर था जल्दी से जल्दी घर लौट आएं। शेषनाग में मौजूद सुमन ने बताया कि भाई कौशल का फोन आया था। हादसे के बाद डर से भरा माहौल पैदा हुआ और सभी बोले कि घर आ जाओ। इस पर उन्होंने यही कहा कि दर्शन करके ही लौटेंगी। परिवार के लोग भी अब सहमत हो गए हैं।

असमंजस में फंसे श्रद्धालु, बोले सोमवार को शुरू हुई यात्रा तब दर्शन कर लौटेगे घर
पूरनपुर। नगर से 32 श्रद्धालुओं का एक जत्था छह जुलाई को बाबा अमरनाथ के लिए गया था। जत्था शुक्रवार को कटरा पहुंचा मगर बादल फटने की खबर सुनकर कटरा के होटल में ही रुक गए। तब श्रद्धालु रविवार को वापस घर लौटने की योजना बना रहे थे। कटरा के एक होटल में तीन दिन से रह रहे नगर के श्रद्धालु रविवार को भी पूरनपुर के लिए रवाना नहीं हो सके। जत्था का नेतृत्व कर रहे काली चरन सक्सेना ने बताया कि रविवार को उनको सोमवार से यात्रा फिर चालू होने की जानकारी मिली है। इस पर वे लोग होटल में ही रुके है और सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को अगर यात्रा शुरू होती है तो जत्थे में शामिल लोग बाबा अमरनाथ के दर्शन को रवाना होंगे और दर्शन कर ही घर लौटेंगे।
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