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टाइगर रिजर्व को मिली रैपिड रिस्पांस टीम

Tue, 15 May 2018 12:40 AM IST
Updated Tue, 15 May 2018 12:40 AM IST
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टाइगर रिजर्व को मिली रैपिड रिस्पांस टीम
बॉक्स दो या तीन नंबर
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14 पीबीटीपी 11
टाइगर रिजर्व को मिली रैपिड रिस्पांस टीम
संसाधनों से परिपूर्ण टीम में चार सदस्य शामिल
वन संरक्षक ने पीलीभीत पहुंच किया शुभारंभ, दी कार्यों की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत।
मानव और वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग और डब्ल्यूटीआई (वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया) की ओर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व को आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) आखिरकार मिल ही गई। चार सदस्यीय टीम के पहुंचने पर सोमवार को वन संरक्षक पीपी सिंह पीलीभीत पहुंचे और इसका उद्घाटन किया। इस दौरान टीम के लाभ और काम करने के तरीके को बताया।
सोमवार सुबह दस बजे वन संरक्षक ने टीम को मिले वाहन का फीता खोलकर उद्घाटन किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत कर टीम के बारे में जानकारी दी गई। इस टीम में मिस्टर फ्रांसिस, डॉ. दक्ष गंगवार, ओपी मिश्र, डॉ.रीतिका माहेश्वरी हैं। इनको एक वाहन दिया गया है। इसके अलावा संसाधन के तौर पर इस टीम के पास ट्रैंक्यूलाइज गन, मेडीसिन, कैमरा ट्रैक, बिना फ्लैश चलने वाले डिजिटल व वीडियो कैमरे, क्वार्ड कॉप्टर आदि टीम के पास हैं। डब्ल्यूटीआई के प्रोजेक्ट हेड प्रेम चंद्र पांडे ने बताया कि आरआरटी टीम इससे पहले सिर्फ दुधवा नेशनल पार्क में है। ये टीम पाने वाला पीलीभीत दूसरा जिला है। उन्होंने बताया कि ये टीम आज से ही काम करना शुरू कर देगी। वन संरक्षक ने टीम को लेकर बताया कि जंगल से सटे संवेदनशील इलाकों में जाकर ये टीम ग्रामीणों से बातचीत करेगी। इसके अलावा वन्यजीवों को किस तरह से काबू किया जाना है, उसका काम किया जाएगा। टीम में वन्यजीव व पब्लिक दोनों को समझने वाले एक्सपर्ट शामिल हैं। जिससे काम को बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। वन अफसरों के सहयोग से टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुुंचकर रिस्पांस देगी। अमरिया समेत कई ऐसे इलाके जहां पर बाघ काफी समय से जंगल के बाहर है। वहां पर पता लगाया जाएगा कि कितने बाघ हैं, किस उम्र के हैं और किस जगह पर उनकी चहलकदमी अधिक है। इस मौके पर टाइगर रिजर्व डीएफओ कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार आदि मौजूद रहे।
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जारी गए गए तीन नंबर
अगर कहीं कोई वन्यजीव घायल या फिर संदिग्ध हालत में दिखाई देता है। तो उसको पकड़ने का काम भी यही टीम करेगी। इसके लिए टीम के तीन नंबर 9411977909, 9861976720, 8987065768 जारी किए गए हैं। जिन पर लोग सूचनाएं दें। इसके अलावा इन नंबरों को गांव-गांव स्कूल, पुलिस चौकी व आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लिखवाया जाएगा।
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आरआरटी टीम से काफी मदद मिलेगी। टीम के पास संसाधन है, इसके अलावा उसको जल्द कार्यालय के लिए भी जगह दे दी जाएगी। संसाधन व अनुभव से पूर्ण टीम मिलने का असर जल्द दिखाई भी देगा।
- पीपी सिंह, वन संरक्षक
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