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श्रीराम कथा में राम सीता के विवाह का प्रसंग सुनाया
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:12 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित श्री बालाजी आश्रम में महा मंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीराम कथा के नौवें दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाकर बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि जिस समय प्रभु राम लखन जनकपुरी में पहुंचे तो पूरा नगर राममय हो गया माता बहिन झरोखे से दर्शन कर रही थी। सभी अपने आप को बड़ा ही सौभाग्यशाली महसूस कर रहे थे। जैसे उनके जीवन में राम आ गए हैं, जिस घड़ी जीवन में राम आते हैं तो एक विशेष अनुभूति आनंद का होता है। जिसकी जैसी भावना होती है, उस को वैसा है नजारा नजर आता है। जनकपुरी में बहुत से राजा महाराजा राज कुमार जनकपुरी में उत्सव देखने पहुंचे। जिनकी सात्विक बुद्धि है वह सीता राम का दर्शन करने आए हैं और जिनकी कुबुद्धि है वह आज सीता जी को प्राप्त करने आए हैं। उनकी भावना में सीता केवल एक सुंदर नारी है, क्योंकि कुबुद्धि कभी सत्य को जानने नहीं देती। बड़ी धूम धाम के साथ सीता राम विवाह हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित श्री बालाजी आश्रम में महा मंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीराम कथा के नौवें दिन सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाकर बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि जिस समय प्रभु राम लखन जनकपुरी में पहुंचे तो पूरा नगर राममय हो गया माता बहिन झरोखे से दर्शन कर रही थी। सभी अपने आप को बड़ा ही सौभाग्यशाली महसूस कर रहे थे। जैसे उनके जीवन में राम आ गए हैं, जिस घड़ी जीवन में राम आते हैं तो एक विशेष अनुभूति आनंद का होता है। जिसकी जैसी भावना होती है, उस को वैसा है नजारा नजर आता है। जनकपुरी में बहुत से राजा महाराजा राज कुमार जनकपुरी में उत्सव देखने पहुंचे। जिनकी सात्विक बुद्धि है वह सीता राम का दर्शन करने आए हैं और जिनकी कुबुद्धि है वह आज सीता जी को प्राप्त करने आए हैं। उनकी भावना में सीता केवल एक सुंदर नारी है, क्योंकि कुबुद्धि कभी सत्य को जानने नहीं देती। बड़ी धूम धाम के साथ सीता राम विवाह हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।