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नेताजी के करीबी ट्रांसपोर्टर, .. तो कार्रवाई कौन करे

Sat, 04 Nov 2017 11:05 PM IST
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:05 PM IST
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नेताजी के करीबी ट्रांसपोर्टर, .. तो कार्रवाई कौन करे
jaam - फोटो : amar ujala
पीलीभीत। गन्ना वाहनों से सड़कों पर फैली अव्यवस्था कम नहीं हो पा रही है। डीएम शीतल वर्मा के सख्ती दिखाने का कोई असर न तो चीनी मिल प्रबंधन पर पड़ा है और न ही ट्रांसपोर्टरों पर। चर्चा यह भी है कि अधिकांश ट्रांसपोर्टर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के करीबी हैं। परिवहन विभाग व संबंधित थाने से भी सेटिंग। यही वजह है कि न तो मिल प्रबंधन उनसे सख्ती से पेश आ पा रहा है और न ही ट्रैफिक पुलिस व परिवहन महकमा। हालात यह है कि पड़ोसी प्रदेश उत्तराखंड को जोड़ने वाला शहर का टनकपुर हाईवे का ट्रैफिक ओवरलोड, ओवर हाइट गन्ना भरे वाहनों की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है।
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शुक्रवार सुबह चीनी मिल अधिकारियों संग बैठक कर डीएम की ओर से दिए गए। दिशा निर्देश पर दिन भर तो हालात सामान्य रहे, लेकिन शाम होते ही व्यवस्था चरमरा गई। रात होने पर टनकपुर हाईवे पूरी तरह से गन्ना वाहनों की चपेट में आ गया। एक साथ वाहनों के इंट्री करते ही ट्रैफिक जाम हो गया। इसके बाद हाईवे से गुजरने वाले राहगीर गंतव्य तक पहुंचने को जगह तलाशते रहे। खास बात रही कि पूरा हाईवे जाम की गिरफ्त में रहा, लेकिन ट्रैफिक पुलिस लापरवाह बनी रही। टीएसआई दुर्गा सिंह को जाम की लगातार सूचना मिलने के बाद भी सड़क पर यातायात दुरुस्त करने नहीं निकले। गौहनिया चौराहा, रेलवे स्टेशन तिराहा, कचहरी मार्ग, छतरी चौराहा से नौगवां चौराहा, रामलीला रोड, एलएच रोड से निकलना आसान नहीं रहा। जाम के झाम में फंसे शहर के लोग भी सिस्टम को कोसते नजर आए। अमर उजाला टीम ने रात में ही हालात का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट-
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रामलीला क्रासिंग पर हादसे का सबब बना गन्ना वाहन
रामलीला रेलवे क्रासिंग के पास सायं 8.45 बजे गन्ना लदा वाहन हादसे का सबब बना। गन्ने के वाहनों की कतार के बीच दूसरी साइड से भी अचानक ट्रैक्टर ट्राली सामने आ जाने पर एक पिकअप रेलवे फाटक से जा टकराई। इसमें रेलवे फाटक क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इससे घंटों यातायात बाधित रहा। मौजूदा लोगों ने बताया कि गन्ने के वाहनों के चलते हादसा हुआ। इसकी सूचना मिलने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आया।
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डिग्री कॉलेज चौराहे पर फंसे रहे चार पहिया वाहन
टनकपुर हाईवे पर 9.30 बजे सड़क के एक हिस्से में गन्ना लदे ओवर हाइट व ओवरलोड वाहनों ने कब्जा कर रखा था। दोनों साइड का ट्रैफिक गुजारा जा रहा था। इससे न सिर्फ हादसे का खतरा बना रहा, बल्कि डिग्री कॉलेज चौराहा पर वाहन आमने-सामने आकर फंसकर रह गए। सुनगढ़ी पुलिस की गाड़ी भी जाम में फंसी रही, हालांकि बाद में पुलिसकर्मी खुद के लिए रास्ता निकालकर चलते बने।
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तो प्रशासन को हादसे का इंतजार
गन्ने के ओवरलोड, ओवर हाइट वाहनों को लेकर जिन इलाकों में जाम से दिक्कत हो रही है, उन सभी रास्तों पर मरीजों की आवाजाही सर्वाधिक है। जिला अस्पताल के साथ ही कई प्राइवेट अस्पताल इन रास्तों पर हैं। अस्पताल के मेनगेट के साथ ही घरों, दुकानों के आगे ट्रालियां खड़ी रहती हैं। जिससे वहां से निकलना भी मुश्किल रहता है। ऐसे में अगर कोई एंबुलेंस आ जाए तो, उसको रास्ता मिलना भी मुश्किल है।

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बोले-जिम्मेदार
यह सही है कि ओवरलोड व ओवर हाइट गन्ना भरे ट्रकों व ट्रालों से इधर शहर में जाम की समस्या पैदा हुई है। डीएम से इस संबंध में विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि शासन के दिशा निर्देश के विपरीत काम करने की इजाजत न तो ट्रांसपोर्टरों को मिलेगी और न ही मिल मालिकों को। ट्रांसपोर्टरों व मिल मालिकों को इस पर रणनीति बना अंकुश लगाना होगा। एआरटीओ को भी ओवरलोड व ओवर हाइट गन्ना वाहनों के सड़क पर मिलने पर संबंधित ट्रांसपोर्टरों व उनके वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
संजय सिंह गंगवार, शहर विधायक
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