{"_id":"59ec976f4f1c1b60678b6bdd","slug":"201508677487-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में चर रही गाय को बाघ ने मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में चर रही गाय को बाघ ने मार डाला
Updated Sun, 22 Oct 2017 06:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जराकोठी/पीलीभीत।
जंगल से सटे क्षेत्रों में बाघ की चहलकदमी लगातार बढ़ रही है। रविवार को थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम बेहरी के खेत में चर रही गाय को गन्ने के खेत में छुपे बैठे बाघ ने हमलाकर उसे मार डाला। घटना से आसपास के गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। वहीं, माला रेंज की गढ़ा बीट के निकट दमगढ़ी गांव के खेतों में बाघ देखा गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत में बने फार्म हाउस से 100 मीटर दूर बाघ के पदचिह्न ट्रेस किए हैं।
थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव बेहरी निवासी ओमप्रकाश पुत्र भूपाल राम की गाय रविवार को ग्राम हिमकरपुर निवासी सूरजपाल के खेत में चर रही थी। वहां बगल के गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर वनकर्मियों ने मौके पर पहुंच उसके पदचिह्न देखे। निदेशक सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार ने इसकी पुष्टि की है और इलाके के गांवों में ग्रामीणों को सतर्क किया है।
विज्ञापन
गजरौला थाना क्षेत्र में माला जंगल से सटे खेतों में पिछले कुछ हफ्तों से बाघ घूमते दिख रहा है। बाघ की चहलकदमी से खेत में काम करने वाले दहशत में हैं। रविवार दोपहर गांव के निकट की खेत में झोपड़ी बना कर रह रहे संतोष सिंह एवं इससे कुछ दूरी पर झोपड़ी डालकर खेत की रखवाली कर रहे लालपुर निवासी शिवचरण ने बाघ के पदचिह्न देखे। एक दिन पहले सिंचाई किए गए खेत में नमी होने के चलते बाघ के पंजे स्पष्ट रूप से बने दिखाई दे रहे हैं। झाले के निकट बाघ के पदचिह्न देख दोनों किसान घबरा गए और उन्होंने गांव जाकर अन्य लोगों को बताया, साथ ही वन विभाग को भी इसकी सूचना दी। सूचना पर बीट प्रभारी रूपलाल टीम के साथ पहुंचे और उन्होंने पदचिह्न ट्रेस किए। रूपलाल ने बताया कि गढ़ा बीट से सटे खेतों में पिछले काफी समय से बाघ की चहलकदमी हो रही है। इसके चलते ग्रामीणो को सतर्क किया जा रहा है, साथ ही नियमित गश्त भी की जा रही है। खेतों के निकट बाघ दिखने से किसान दहशत में हैं और ठंड के मौसम में उन्हें खेती करने में और दिक्कत आ सकती है।
विज्ञापन