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पिंजरा बमनपुरी के निकट पहुंचा बाघ, नीलगाय मारी
Updated Sun, 06 Aug 2017 06:19 PM IST
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अमरिया/पीलीभीत। जंगल से बाहर घूम रहे बाघ अब जनता को मुसीबत बनने लगे हैं। रविवार को बाघ पिंजरा बमनपुरी गांव के निकट तक पहुंच गया। बाघ ने गांव के निकट एक नीलगाय को मार डाला। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने को खेत के पास जाल लगाया है।
थाना क्षेत्र में यूं तो बाघ का परिवार पिछले पांच साल से घूम रहा है और इनकी संख्या भी बढ़कर छह तक पहुंच गई है। संख्या बढ़ने से अब बाघ का चहलकदमी भी आसपास के गांव तक होने लगी है। रविवार को सुबह गांव पिंजरा बमनपुरी बने प्राथमिक स्कूल के पीछे धनीराम के गन्ने के खेत में लोगों ने बाघ को देखा। बताते हैं कि उसने यहां नीलगाय का शिकार किया। गांववालों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन दरोगा देवऋषि, वन रक्षक तेजपाल, वाचर टीकाराम, नबीशेर आदि के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने नीलगाय का अधखाया शव बरामद कर गड्ढे में दफन करा दिया। बाघ को खदेड़ने के लिए पटाखे छोड़े गए, लेकिन वह नहीं निकला। इस बीच कुछ शरारती तत्वों ने गन्ने के खेत में घुसने का प्रयास भी किया। दो युवक खेत में घुसे लेकिन अंदर पीपल के पेड़ के नीचे आराम कर रहे बाघ के दहाड़ पर दोनों युवक भाग खड़े हुए। वनदरोगा ने बताया कि बाघ को खेत से खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गांव की ओर बाघ न आए इसके लिए गांव की ओर वाली मेढ़ पर जाल लगवाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई की बाघ स्वयं वापस चला जाएगा।
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थाना क्षेत्र में यूं तो बाघ का परिवार पिछले पांच साल से घूम रहा है और इनकी संख्या भी बढ़कर छह तक पहुंच गई है। संख्या बढ़ने से अब बाघ का चहलकदमी भी आसपास के गांव तक होने लगी है। रविवार को सुबह गांव पिंजरा बमनपुरी बने प्राथमिक स्कूल के पीछे धनीराम के गन्ने के खेत में लोगों ने बाघ को देखा। बताते हैं कि उसने यहां नीलगाय का शिकार किया। गांववालों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन दरोगा देवऋषि, वन रक्षक तेजपाल, वाचर टीकाराम, नबीशेर आदि के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने नीलगाय का अधखाया शव बरामद कर गड्ढे में दफन करा दिया। बाघ को खदेड़ने के लिए पटाखे छोड़े गए, लेकिन वह नहीं निकला। इस बीच कुछ शरारती तत्वों ने गन्ने के खेत में घुसने का प्रयास भी किया। दो युवक खेत में घुसे लेकिन अंदर पीपल के पेड़ के नीचे आराम कर रहे बाघ के दहाड़ पर दोनों युवक भाग खड़े हुए। वनदरोगा ने बताया कि बाघ को खेत से खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गांव की ओर बाघ न आए इसके लिए गांव की ओर वाली मेढ़ पर जाल लगवाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई की बाघ स्वयं वापस चला जाएगा।
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