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निशुल्क पुस्तकों के सत्यापन में मिली खामियां
Updated Thu, 29 Jun 2017 07:39 PM IST
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पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को उपलब्ध कराई जाने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के सत्यापन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने सैंपल और वितरण की जाने वाली किताबों में अंतर मिला। जिस पर प्रकाशक से कटौती करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। शासन के निर्देश पर एडी बेसिक शशिदेवी शर्मा ने बीएसए को पत्र जारी कर एक जुलाई को पुस्तकों का वितरण कराने के आदेश दिए हैं। पुस्तकों के वितरण से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा इनका सत्यापन किया जाता है। जिले में करीब तीन दिन पूर्व कक्षा चार की कलरव की दस हजार और परख की 13 हजार पुस्तकों की खेप भेज दी गई। पुस्तकों की पहली खेप पहुंचने पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार मिश्रा से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने किताब का वजन कम होना प्रिंटिंग में गड़बड़ी होना पाया। जिस पर पुस्तक प्रभारी सौरभ सक्सेना ने पुस्तकों में मिली गड़बड़ी की शिकायत प्रकाशक से की। बताते हैं कि प्रकाशक ने भेजी गई पुस्तकों का वितरण न कराने की बात कही। इस पर महकमे में हड़कंप मच गया। चूंकि शासन द्वारा एक जुलाई को पुस्तकों के वितरण के आदेश दिए। इसी के चलते प्रभारी बीएसए पीएस राना व पुस्तक प्रभारी सौरभ सक्सेना बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मिले और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। प्रभारी बीएसए ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। इधर सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सत्यापन में पुस्तक का वजन मानक से कम पाया गया, वहीं कुछ प्रिंटिंग में भी गड़बड़ी पाई गई है। इसको लेकर प्रकाशक से कटौती की जाएगी। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार से ही पुस्तकों को वितरण शुरू कर दिया गया।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा एक से आठ तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। शासन के निर्देश पर एडी बेसिक शशिदेवी शर्मा ने बीएसए को पत्र जारी कर एक जुलाई को पुस्तकों का वितरण कराने के आदेश दिए हैं। पुस्तकों के वितरण से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा इनका सत्यापन किया जाता है। जिले में करीब तीन दिन पूर्व कक्षा चार की कलरव की दस हजार और परख की 13 हजार पुस्तकों की खेप भेज दी गई। पुस्तकों की पहली खेप पहुंचने पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार मिश्रा से सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने किताब का वजन कम होना प्रिंटिंग में गड़बड़ी होना पाया। जिस पर पुस्तक प्रभारी सौरभ सक्सेना ने पुस्तकों में मिली गड़बड़ी की शिकायत प्रकाशक से की। बताते हैं कि प्रकाशक ने भेजी गई पुस्तकों का वितरण न कराने की बात कही। इस पर महकमे में हड़कंप मच गया। चूंकि शासन द्वारा एक जुलाई को पुस्तकों के वितरण के आदेश दिए। इसी के चलते प्रभारी बीएसए पीएस राना व पुस्तक प्रभारी सौरभ सक्सेना बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मिले और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। प्रभारी बीएसए ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। इधर सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सत्यापन में पुस्तक का वजन मानक से कम पाया गया, वहीं कुछ प्रिंटिंग में भी गड़बड़ी पाई गई है। इसको लेकर प्रकाशक से कटौती की जाएगी। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार से ही पुस्तकों को वितरण शुरू कर दिया गया।
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