{"_id":"5b96b6cc867a557ec232cb21","slug":"191536603852-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पातल में दवा लेने को मची रही मारामारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पातल में दवा लेने को मची रही मारामारी
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में दवा लेने को मची मारामारी
मरीज, तीमारदार को एक से दो घंटे लाइन में लगे, तब जाकर मिल सकी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते जिला अस्पताल में रोजाना मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मंगलवार को डॉक्टरों से परामर्श लेने के बाद दवा लेने पहुंचे मरीजों, तीमारदारों को दवा काउंटर पर अधिक भीड़ के चलते घंटों लाइन में खड़े होकर मशक्कत करनी पड़ी। कुछ एक तीमारदार लाइन से हटकर दवा लेने की कोशिश में लगे रहे। ऐसे में उनको लाइन में खड़े लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ओपीडी 1600 के पार पहुंची। इससे अस्पताल परिसर मरीजों से फुल दिखाई दिया। ओपीडी कक्ष से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। पर्चा बनवाने और ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श लेने में मरीज को दो से तीन घंटे का वक्त लग गया। दवा काउंटर पर भीड़ लगे होने के कारण गर्मी व उमस से परेशान मरीज, तीमारदारों को दवा लेने में एक से घंटे लाइन में खड़े होकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तब जाकर उनको दवाई मिल सकी। सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 30 फीसदी डायरिया रोगी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया पेट की ऐसी बीमारी है, जो गर्मियों और बरसात में अधिक विकराल रूप ले लेती है। इस मौसम में तापमान लगातार घटता और बढ़ता है। मच्छर व मक्खियों की संख्या बढ़ जाती है, इन्हीं से पैदा होने वाले बैक्टीरिया मनुष्य के शरीर में पहुंचकर उल्टी और दस्त बीमारियों को जन्म देते हैं।
विज्ञापन
मरीज, तीमारदार को एक से दो घंटे लाइन में लगे, तब जाकर मिल सकी दवा
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते जिला अस्पताल में रोजाना मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मंगलवार को डॉक्टरों से परामर्श लेने के बाद दवा लेने पहुंचे मरीजों, तीमारदारों को दवा काउंटर पर अधिक भीड़ के चलते घंटों लाइन में खड़े होकर मशक्कत करनी पड़ी। कुछ एक तीमारदार लाइन से हटकर दवा लेने की कोशिश में लगे रहे। ऐसे में उनको लाइन में खड़े लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
जिला अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ओपीडी 1600 के पार पहुंची। इससे अस्पताल परिसर मरीजों से फुल दिखाई दिया। ओपीडी कक्ष से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। पर्चा बनवाने और ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श लेने में मरीज को दो से तीन घंटे का वक्त लग गया। दवा काउंटर पर भीड़ लगे होने के कारण गर्मी व उमस से परेशान मरीज, तीमारदारों को दवा लेने में एक से घंटे लाइन में खड़े होकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तब जाकर उनको दवाई मिल सकी। सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 30 फीसदी डायरिया रोगी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया पेट की ऐसी बीमारी है, जो गर्मियों और बरसात में अधिक विकराल रूप ले लेती है। इस मौसम में तापमान लगातार घटता और बढ़ता है। मच्छर व मक्खियों की संख्या बढ़ जाती है, इन्हीं से पैदा होने वाले बैक्टीरिया मनुष्य के शरीर में पहुंचकर उल्टी और दस्त बीमारियों को जन्म देते हैं।
विज्ञापन