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यहां तो विधायक की शिकायत पर भी नहीं जागा प्रशासन
Updated Fri, 06 Oct 2017 06:15 PM IST
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पीलीभीत।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर कागजों में कार्रवाई से सड़कों पर हालात बदतर बने हैं। सिर्फ बयानबाजी कर इसका समाधान करने का सपना नगर पालिका से लेकर प्रशासनिक अफसर दिखा रहे हैं। यह बात दीगर है कि इसका समाधान करने के लिए न तो कोई ठोस कदम उठाया गया, न ही अतिक्रमण को चिह्नित किया गया है।
शहर के लाल रोड पर दिन भर ट्रैफिक चलता है। रंगीलाल चौराहा से लेकर नखासा तिराहा तक इस आधा किलोमीटर के मार्ग पर पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों का कब्जा दिखाई दे रहा है। नाले-नालियों के ऊपर पक्का निर्माण करने के साथ ही आधी सड़क घेरकर व्यवसाय किया जा रहा है। यही वजह है कि दिन में कई बार इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग पर बैंड बाजे वालों की कई दुकानें हैं। वह यहां सड़क पर ही अपनी ठेलियां खड़ी कर दिया करते हैं, तो कोई खानपान की दुकान लगाकर सड़क पर कब्जा किए हुए है। रेत और बजरी का व्यवसाय करने वाले कुछ लोग भी सड़क पर ही अपनी दुकान सजाए हुए हैं। इसको नगर पालिका और प्रशासनिक अफसरों की ओर से लगातार अनदेखा किया जा रहा है। यही नहीं शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने भी इस मार्ग पर फैले अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को घेरा था। अपने आवास पर प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सवाल उठाए। स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए वह कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। इसका समाधान नहीं किया है। विधायक ने बड़े अतिक्रमणकारियों से साठगांठ करने और गरीबों को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं कराया जा सका है।
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बड़े वाहनों की रहती है आवाजाही
रेलवे स्टेशन रोड पर नो इंट्री के चलते बड़े वाहन लाल रोड से ही गुजारे जाते है। सड़क पर अतिक्रमण और वाहनों के प्रवेश करते ही यहां पर जाम लग जाता है। राहगीर परेशान रहते है, लेकिन जाम खुलवाने की सुध पुलिस नहीं लेती।
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पिछले अभियान में दे दी गई थी छूट
साल 2015 में तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बड़े-बड़े अतिक्रमणकारियों को सबक सिखाया गया था। इस अभियान में भी इस मार्ग पर सिर्फ अतिक्रमण को चिह्नित भर किया गया। यह भी आरोप लगाए गए कि कुछ लोगों से साठगांठ के बाद नगर पालिका की ओर से मुहिम को इस मार्ग पर दबा दिया गया।
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अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर कागजों में कार्रवाई से सड़कों पर हालात बदतर बने हैं। सिर्फ बयानबाजी कर इसका समाधान करने का सपना नगर पालिका से लेकर प्रशासनिक अफसर दिखा रहे हैं। यह बात दीगर है कि इसका समाधान करने के लिए न तो कोई ठोस कदम उठाया गया, न ही अतिक्रमण को चिह्नित किया गया है।
शहर के लाल रोड पर दिन भर ट्रैफिक चलता है। रंगीलाल चौराहा से लेकर नखासा तिराहा तक इस आधा किलोमीटर के मार्ग पर पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों का कब्जा दिखाई दे रहा है। नाले-नालियों के ऊपर पक्का निर्माण करने के साथ ही आधी सड़क घेरकर व्यवसाय किया जा रहा है। यही वजह है कि दिन में कई बार इस मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग पर बैंड बाजे वालों की कई दुकानें हैं। वह यहां सड़क पर ही अपनी ठेलियां खड़ी कर दिया करते हैं, तो कोई खानपान की दुकान लगाकर सड़क पर कब्जा किए हुए है। रेत और बजरी का व्यवसाय करने वाले कुछ लोग भी सड़क पर ही अपनी दुकान सजाए हुए हैं। इसको नगर पालिका और प्रशासनिक अफसरों की ओर से लगातार अनदेखा किया जा रहा है। यही नहीं शहर विधायक संजय सिंह गंगवार ने भी इस मार्ग पर फैले अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को घेरा था। अपने आवास पर प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सवाल उठाए। स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए वह कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। इसका समाधान नहीं किया है। विधायक ने बड़े अतिक्रमणकारियों से साठगांठ करने और गरीबों को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं कराया जा सका है।
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बड़े वाहनों की रहती है आवाजाही
रेलवे स्टेशन रोड पर नो इंट्री के चलते बड़े वाहन लाल रोड से ही गुजारे जाते है। सड़क पर अतिक्रमण और वाहनों के प्रवेश करते ही यहां पर जाम लग जाता है। राहगीर परेशान रहते है, लेकिन जाम खुलवाने की सुध पुलिस नहीं लेती।
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पिछले अभियान में दे दी गई थी छूट
साल 2015 में तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बड़े-बड़े अतिक्रमणकारियों को सबक सिखाया गया था। इस अभियान में भी इस मार्ग पर सिर्फ अतिक्रमण को चिह्नित भर किया गया। यह भी आरोप लगाए गए कि कुछ लोगों से साठगांठ के बाद नगर पालिका की ओर से मुहिम को इस मार्ग पर दबा दिया गया।