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Pilibhit News: 18 मलिन बस्तियों का विकास हुआ कागजों में, 70 हजार लोगों के लिए चलने लायक सड़कें तक नहीं
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मोहल्ला नखासे में घरों से लगे नालों की स्थिति। संवाद
पीलीभीत। नगर पालिका के पांच वार्डों में 18 मलिन बस्तियां हैं। इन बस्तियों में करीब 70 हजार की आबादी निवास करती है। वर्षों से इन बस्तियों में विकास कार्य कागजों में हो रहा है। नगर पालिका के जिम्मेदारों ने इन बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की कभी सुध नहीं ली।
जिम्मेदार यह कह रहे हैं कि मलिन बस्तियों में विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन ये प्रस्ताव भी उनके दावों की तरह कोरे साबित हो रहे हैं। इन बस्तियों में सड़कें, नालियां टूटी है। नाले चोक हैं। सीवर के कोई इंतजाम नहीं हैं। पेयजल की लाइन वर्षों पुरानी है तो जगह-जगह से लीकेज होने से घरों तक पानी भी नहीं पहुंच रहा है।
नगर पालिका परिषद कागजों में मलिन बस्तियों में विकास की गंगा खूब दौड़ा रही है, जबकि धरातल पर टूटी नालियों से सड़क पर बह रहा गंदा पानी बस्तियों में रहने वालों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बस्तियों से लगे नालों में नियमित सफाई नहीं। जमाव पानी से मच्छरों की संख्या बढ़ी है, प्रकाश व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है, खंभे लोगों के घरों की छतों पर टिके हैं। जलापूर्ति भी प्रभावित है। यही इन बस्तियों की पहचान बन गई है।
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नगर पालिका के 27 वार्ड में से 5 वार्ड के 17-18 मलिन बस्तियां चयनित हैं। शहर के मोहल्ला नखासा में 3-4 हजार की आबादी वाला क्षेत्र मलिन बस्ती में शामिल है। बुधवार को इस बस्ती में पड़ताल की गई तो वार्ड की दुर्दशा की साफ तस्वीरें देखने को मिलीं। वार्ड में घरों के बाहर जगह-जगह गड्ढे में तब्दील मिली। नालियां लंबे समय से नहीं बनने से गंदा पानी गलियों की सड़कों पर बहता मिला। यहां के लोगों ने बताया कि महीनों से सफाई नहीं हुई। कंपोजिट विद्यालय के पीछे गंदे पानी का जमाव मिला। संवाद
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जिम्मेदार यह कह रहे हैं कि मलिन बस्तियों में विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन ये प्रस्ताव भी उनके दावों की तरह कोरे साबित हो रहे हैं। इन बस्तियों में सड़कें, नालियां टूटी है। नाले चोक हैं। सीवर के कोई इंतजाम नहीं हैं। पेयजल की लाइन वर्षों पुरानी है तो जगह-जगह से लीकेज होने से घरों तक पानी भी नहीं पहुंच रहा है।
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नगर पालिका परिषद कागजों में मलिन बस्तियों में विकास की गंगा खूब दौड़ा रही है, जबकि धरातल पर टूटी नालियों से सड़क पर बह रहा गंदा पानी बस्तियों में रहने वालों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बस्तियों से लगे नालों में नियमित सफाई नहीं। जमाव पानी से मच्छरों की संख्या बढ़ी है, प्रकाश व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है, खंभे लोगों के घरों की छतों पर टिके हैं। जलापूर्ति भी प्रभावित है। यही इन बस्तियों की पहचान बन गई है।
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नगर पालिका के 27 वार्ड में से 5 वार्ड के 17-18 मलिन बस्तियां चयनित हैं। शहर के मोहल्ला नखासा में 3-4 हजार की आबादी वाला क्षेत्र मलिन बस्ती में शामिल है। बुधवार को इस बस्ती में पड़ताल की गई तो वार्ड की दुर्दशा की साफ तस्वीरें देखने को मिलीं। वार्ड में घरों के बाहर जगह-जगह गड्ढे में तब्दील मिली। नालियां लंबे समय से नहीं बनने से गंदा पानी गलियों की सड़कों पर बहता मिला। यहां के लोगों ने बताया कि महीनों से सफाई नहीं हुई। कंपोजिट विद्यालय के पीछे गंदे पानी का जमाव मिला। संवाद

मोहल्ला नखासे में घरों से लगे नालों की स्थिति। संवाद

मोहल्ला नखासे में घरों से लगे नालों की स्थिति। संवाद

मोहल्ला नखासे में घरों से लगे नालों की स्थिति। संवाद

मोहल्ला नखासे में घरों से लगे नालों की स्थिति। संवाद