{"_id":"5baa74b4867a557fee026c3f","slug":"171537897652-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ को आंगन में टहलता देख छूटे परिवार के पसीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ को आंगन में टहलता देख छूटे परिवार के पसीने
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 पीबीटीपी 20
बाघ को आंगन में टहलता देख छूटे परिवार के पसीने
मचाया शोर तो नदी की तरफ चला गया बाघ
अमरिया। भूड़ा गांव में बाघ ने दस्तक देकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। परिवारीजनों ने मकान के आंगन में बाघ को टहलता देखा तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद बाघ तो कुछ देर में चला गया लेकिन दहशतजदां परिजन रात भर जागते रहे। दूसरे दिन सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच जानकारी जुटाई और अलर्ट रहने को कहा।
तहसील क्षेत्र के भूड़ा गांव निवासी गोरा मसी व अमरीक सिंह ने बताया कि सोमवार की रात वह परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी बीच बाघ नदी किनारे झाडिय़ों से निकल कर उनके आंगन में पहुंच गया। नजदीक में ही पशुशाला में बंधे जानवर शोर करने लगे। इस पर जागे परिवार के लोगों की नजर आंगन में विचरण कर रहे बाघ पर पड़ी तो धड़कनें तेज हो गई। बाघ के जानवरों के नजदीक पहुंचते ही परिवार वालों ने शोर मचा दिया। इस पर बाघ अमरीक मसी के घर के पास से कैलाश नदी की ओर वापस चला गया। मंगलवार दोपहर सूचना मिलने पर पहुंचे। इस पर वन विभाग के अमरिया बीट प्रभारी शैलेंद्र कुमार, चेतन कुमार ने मौके पर पहुंच जानकारी जुटाई और बाघ के पगचिहन ट्रेस किए। बाघ की दस्तक के बाद से ग्रामीण दहशतजदां हैं।
विज्ञापन
बाघ को आंगन में टहलता देख छूटे परिवार के पसीने
मचाया शोर तो नदी की तरफ चला गया बाघ
अमरिया। भूड़ा गांव में बाघ ने दस्तक देकर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया। परिवारीजनों ने मकान के आंगन में बाघ को टहलता देखा तो उनके होश उड़ गए। इसके बाद बाघ तो कुछ देर में चला गया लेकिन दहशतजदां परिजन रात भर जागते रहे। दूसरे दिन सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच जानकारी जुटाई और अलर्ट रहने को कहा।
तहसील क्षेत्र के भूड़ा गांव निवासी गोरा मसी व अमरीक सिंह ने बताया कि सोमवार की रात वह परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी बीच बाघ नदी किनारे झाडिय़ों से निकल कर उनके आंगन में पहुंच गया। नजदीक में ही पशुशाला में बंधे जानवर शोर करने लगे। इस पर जागे परिवार के लोगों की नजर आंगन में विचरण कर रहे बाघ पर पड़ी तो धड़कनें तेज हो गई। बाघ के जानवरों के नजदीक पहुंचते ही परिवार वालों ने शोर मचा दिया। इस पर बाघ अमरीक मसी के घर के पास से कैलाश नदी की ओर वापस चला गया। मंगलवार दोपहर सूचना मिलने पर पहुंचे। इस पर वन विभाग के अमरिया बीट प्रभारी शैलेंद्र कुमार, चेतन कुमार ने मौके पर पहुंच जानकारी जुटाई और बाघ के पगचिहन ट्रेस किए। बाघ की दस्तक के बाद से ग्रामीण दहशतजदां हैं।
विज्ञापन