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शिक्षण संस्थानों के आसपास खुलेआम बिक रही धूम्रपान सामग्री
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:33 AM IST
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शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी नियमों को ताक पर रखकर स्कूल कॉलेजों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम धूम्रपान सामग्री बेची जा रही है। बावजूद जिला प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठाता दिख रहा।
शासन ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत स्कूलों के पास और सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र की सूचना लगाने, कम आयु के युवाओं को तंबाकू उत्पाद बेचने पर पाबंदी लगाने, शैक्षिक संस्थानों के सौ गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी कर रखा है। बावजूद नियमों को ताक पर रखकर दुकानदार धूम्रपान सामग्री बेच रहे हैं। शहर की बात करें तो जिला अस्पताल गेट, शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि पर लोग जमकर धुएं के छल्ले उड़ा रहे हैं। दुकानदार भी बेखौफ होकर माइनर्स को सिगरेट और गुटखा बेच रहे हैं। ऐसे नहीं है कि यह सब अफसरों के संज्ञान में नहीं है या फिर उनको दिखाई नहीं देता। हकीकत जानने के बाद भी वह चुप्पी साधे हुए है।
उल्लंघन पर पांच साल तक की कैद
तंबाकू उत्पाद से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर एक से पांच साल की कैद और एक हजार से पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों की मानें तो जिला प्रशासन चाहे तो शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम धूम्रपान पर प्रतिबंध लग सकता है।
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जागरूकता कार्यक्रम के तहत लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। हाल ही में इसको लेकर कोई अभियान नहीं चलाया गया है लेकिन जल्द ही एक अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोग जागरूक होने के बाद धूम्रपान का सेवन करने से बच सके।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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शासन ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत स्कूलों के पास और सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र की सूचना लगाने, कम आयु के युवाओं को तंबाकू उत्पाद बेचने पर पाबंदी लगाने, शैक्षिक संस्थानों के सौ गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी कर रखा है। बावजूद नियमों को ताक पर रखकर दुकानदार धूम्रपान सामग्री बेच रहे हैं। शहर की बात करें तो जिला अस्पताल गेट, शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि पर लोग जमकर धुएं के छल्ले उड़ा रहे हैं। दुकानदार भी बेखौफ होकर माइनर्स को सिगरेट और गुटखा बेच रहे हैं। ऐसे नहीं है कि यह सब अफसरों के संज्ञान में नहीं है या फिर उनको दिखाई नहीं देता। हकीकत जानने के बाद भी वह चुप्पी साधे हुए है।
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उल्लंघन पर पांच साल तक की कैद
तंबाकू उत्पाद से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर एक से पांच साल की कैद और एक हजार से पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों की मानें तो जिला प्रशासन चाहे तो शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम धूम्रपान पर प्रतिबंध लग सकता है।
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जागरूकता कार्यक्रम के तहत लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। हाल ही में इसको लेकर कोई अभियान नहीं चलाया गया है लेकिन जल्द ही एक अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोग जागरूक होने के बाद धूम्रपान का सेवन करने से बच सके।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ