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अधिकारी बने अंजान, अतिक्रमण से जनता परेशान
Updated Sat, 10 Jun 2017 06:43 PM IST
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पीलीभीत। लंबे समय से चली आ रही अतिक्रमण की समस्या का समाधान करने में जिला प्रशासन फेल साबित हुआ है। लोग दिन में कई बार जाम में फंस रहे हैं॥।
यूं तो यह समस्या पुरानी है। खासकर मुख्य बाजार, ड्रमंडगंज चौराहा, बरेली गेट, लोहामंडी, चूड़ी वाली गली में दुकानदारों ने सड़क घेरकर सामान रखा है। इसके बाद खरीदारी करने आए लोगों के वाहन खड़े होते ही जाम लग जाता है। दिन में कई बार लोगों को इन मार्गों से गुजरते वक्त जाम से जूझना पड़ता है। साल 2016 में तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की। कुछ दिन हालात सुधरे भी, लेकिन उनके तबादले के बाद स्थिति फिर बदतर हो गई। प्रशासनिक अफसर पुलिस पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं तो पुलिस व्यापारियों के विरोध के आगे बेबस है। कई बार कार्रवाई के दौरान पुलिस पर अवैध वसूली एवं पक्षपात के आरोप लगाते रहे। इसे लेकर हंगामा हुआ। ऐसे में पुलिस ने भी अपने कदम पीछे हटा लिए। इसका समाधान कर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने के दावे तो पुलिस-प्रशासनिक अफसर करते रहते हैं लेकिन यह कार्रवाई कब और किस तरह से पूरी की जाएगी। इसको लेकर कोई नहीं बोल रहा है।
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अतिक्रण की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। जिसके बाद चिह्नीकरण के साथ इस पर कार्रवाई की जाए। इसमें व्यापारी नेताओं से भी संपर्क कर उनको जिम्मेदारी दी जाएगी।
- निशांक शर्मा, सीओ सिटी
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यूं तो यह समस्या पुरानी है। खासकर मुख्य बाजार, ड्रमंडगंज चौराहा, बरेली गेट, लोहामंडी, चूड़ी वाली गली में दुकानदारों ने सड़क घेरकर सामान रखा है। इसके बाद खरीदारी करने आए लोगों के वाहन खड़े होते ही जाम लग जाता है। दिन में कई बार लोगों को इन मार्गों से गुजरते वक्त जाम से जूझना पड़ता है। साल 2016 में तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा ने अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की। कुछ दिन हालात सुधरे भी, लेकिन उनके तबादले के बाद स्थिति फिर बदतर हो गई। प्रशासनिक अफसर पुलिस पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं तो पुलिस व्यापारियों के विरोध के आगे बेबस है। कई बार कार्रवाई के दौरान पुलिस पर अवैध वसूली एवं पक्षपात के आरोप लगाते रहे। इसे लेकर हंगामा हुआ। ऐसे में पुलिस ने भी अपने कदम पीछे हटा लिए। इसका समाधान कर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने के दावे तो पुलिस-प्रशासनिक अफसर करते रहते हैं लेकिन यह कार्रवाई कब और किस तरह से पूरी की जाएगी। इसको लेकर कोई नहीं बोल रहा है।
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अतिक्रण की समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। जिसके बाद चिह्नीकरण के साथ इस पर कार्रवाई की जाए। इसमें व्यापारी नेताओं से भी संपर्क कर उनको जिम्मेदारी दी जाएगी।
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- निशांक शर्मा, सीओ सिटी