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युवा जुड़ेंगे तभी बदलेगी खेती की तस्वीर

Mon, 15 Jul 2019 02:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2019 02:00 AM IST
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युवा पीढ़ी का जुडाव हो तभी बदलेगी खेती की तस्वीर
पीलीभीत। एक दौर था जब रासायनिक खादों और आधुनिक उपकरणों के न होने के बावजूद फसलों का उत्पादन खूब होता था, लेकिन समय से साथ ही विदेशी तकनीक के आने से कृषि क्षेत्र की स्थिति काफी खराब हो गई है। यही वजह है कि वर्तमान में देशभर में करीब 10 हजार किसान खेती छोड़ चुके हैं। यह बात स्वदेशी चिंतन संगोष्ठी में जतन ट्रस्ट के अध्यक्ष कपिल भाई शाह ने कही।
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उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी नीतियों में बहुत कमी हैं। इनके चलते युवा पीढ़ी खेती से दूर हो रही है, जबकि उसका खेती से जुड़ाव बेहद जरूरी है। युवा पीढ़ी की खेती से दूरी की वजह से ही काफी धन खर्च करने के बाद भी फसलों का उत्पादन नहीं बढ़ रहा है। किसान कर्ज में घिरकर खुदकुशी करने पर मजबूर हैं। देश में कई ऐसे इलाके हैं, जहां आदिवासियों ने खुद को खेती में ढाल लिया है। आज कृषि फसलों की बात करें तो कीटनाशक दवाइयों के प्रयोग से ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ रहा है। दवाइयों का एक प्रतिशत कीट को खत्म करने में प्रयोग होता है, जबकि 99 प्रतिशत जलवायु, पर्यावरण और पानी को दूषित कर रहा है। भटिंडा में तो मानव के खून में कीटनाशक के शामिल होने की पुष्टि हुई है। इस मौके पर विनोवा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भैया, सौरभ सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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