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मुश्किल भरी होगी कांवड़ यात्रा, शिव भक्तों की डगर में गड्ढे, पत्थर और कंकड़
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पीलीभीत। सावन की शुरुआत दो दिन बाद 17 जुलाई से हो रही है। सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को पड़ेगा। इस दौरान कांवड़ यात्रा बरेली हाइवे से ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग, रोडवेज बस स्टैंड, लकड़ी मंडी होते हुए गौरीशंकर मंदिर में पहुंचेगी। श्रद्धा और उल्लास के बीच कांवड़ियों को टूटी सड़कों, पत्थर और कंकड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा। हालांकि प्रशासन द्वारा पूर्व में ही इन रास्तों को दुरुस्त कराया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है।
सावन के सोमवार पर जलाभिषेक करने वाले हजारों शिव भक्त इन्हीं रास्तों से जाएंगे, लेकिन असम हाईवे से लेकर ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से होते हुए लकड़ी मंडी मार्ग तक हालात नारकीय हैं। असम हाइवे से लेकर ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग के बीच की सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढों के साथ छोटे पत्थर भी उखड़े पड़े हैं। रोडवेज बस स्टैंड से लकड़ी मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई स्थानों पर बड़े गड्ढे हैं। इस रोड पर करीब 15 मीटर का हिस्सा तो लगभग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पर पैदल चलना मुश्किल है। जाटों वाले चौराहे के समीप आते-आते कई स्थानों पर रोड उखड़ा पड़ा है। खास बात यह है छोटी कांवड़ लाने वाले भक्त तो इस मार्ग से आते हैं, लेकिन बड़े कांवर लाने वाले कांवड़िये ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से नौगवा चौराहा होते हुए एकता सरोवर मार्ग से होकर लकड़ी मंडी मार्ग पर पहुंचते हैं। इस एकता सरोवर मार्ग पर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। वहीं नौगवा चौराहे से नई बस्ती होते हुए दूधिया मंदिर तक जाने वाला मार्ग निर्माणाधीन है। ऐसे में कांवड़ियों को सुरक्षित और साफ रास्ता देना प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। प्रदेश के मुख्य सचिव ने कांवड़ यात्रा के सभी इंतजाम पूर्व में ही करने और यात्रा सुखद और सुविधाजनक बनाने का आदेश दिया था, लेकिन अपने शहर में अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया है।
मंडी समिति मार्ग भी तमाम अड़चनें
श्रावण मास के दौरान जल लेकर आने वाले अधिकांश शिव भक्त मंडी समिति परिसर में ठहरते हैं और अगले दिन शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। असम हाइवे से मंडी मार्ग की हालत तो ठीक-ठाक है, लेकिन इस मार्ग के दोनों ओर कहीं बजरी मोरंग तो कहीं किसी ने सामान रख रखा है ।
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यहां वाहन मोड़ने में ही छूट जाते हैं पसीने
चौक बाजार से नई तहसील की तरफ जाने के लिए कांवड़ियों के जत्थों को काफी दिक्कत रहती है। मार्ग संकरा होने के बावजूद दोनों तरफ दुकानों के बाहर सामान लगा रहता है। ऊपर से बिजली के झूलते तार रहते हैं। ऐसे में कांवड़ियों के जत्थों में चल रहे वाहनों को मोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी वजह से कई बार कुछ जत्थे धुनों वाला चौराहा की तरफ से गुजर जाते हैं।
कांवड़ यात्रा को लेकर शिव मंदिरों तक जाने वाले सभी मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश जेई को दे दिए गए हैं। कांवड़ियों को आवागमन में कहीं भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
कांवड़ यात्रा शांति से संपन्न कराने को बनाई रणनीति
बीसलपुर। कोतवाली में शनिवार शाम हुई शांति समिति की बैठक में कंावड़ यात्राओं को सकुशल संपन्न कराने की रणनीति बनाई गई। तय किया गया कि सावन भर निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के दौरान पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सौरभ दुबे और संचालन कोतवाल हरीशंकर वर्मा ने किया। इस दौरान सीओ प्रवीण मलिक, एसएसआई इख्त्यिार हुसैन, कस्बा इंचार्ज मोहित कुमार, चुर्रा पुलिस चौकी इंचार्ज जेसी जोशी, खंनका पुलिस चौकी इंचार्ज अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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सावन के सोमवार पर जलाभिषेक करने वाले हजारों शिव भक्त इन्हीं रास्तों से जाएंगे, लेकिन असम हाईवे से लेकर ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से होते हुए लकड़ी मंडी मार्ग तक हालात नारकीय हैं। असम हाइवे से लेकर ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग के बीच की सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढों के साथ छोटे पत्थर भी उखड़े पड़े हैं। रोडवेज बस स्टैंड से लकड़ी मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई स्थानों पर बड़े गड्ढे हैं। इस रोड पर करीब 15 मीटर का हिस्सा तो लगभग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस पर पैदल चलना मुश्किल है। जाटों वाले चौराहे के समीप आते-आते कई स्थानों पर रोड उखड़ा पड़ा है। खास बात यह है छोटी कांवड़ लाने वाले भक्त तो इस मार्ग से आते हैं, लेकिन बड़े कांवर लाने वाले कांवड़िये ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से नौगवा चौराहा होते हुए एकता सरोवर मार्ग से होकर लकड़ी मंडी मार्ग पर पहुंचते हैं। इस एकता सरोवर मार्ग पर कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। वहीं नौगवा चौराहे से नई बस्ती होते हुए दूधिया मंदिर तक जाने वाला मार्ग निर्माणाधीन है। ऐसे में कांवड़ियों को सुरक्षित और साफ रास्ता देना प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। प्रदेश के मुख्य सचिव ने कांवड़ यात्रा के सभी इंतजाम पूर्व में ही करने और यात्रा सुखद और सुविधाजनक बनाने का आदेश दिया था, लेकिन अपने शहर में अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं किया गया है।
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मंडी समिति मार्ग भी तमाम अड़चनें
श्रावण मास के दौरान जल लेकर आने वाले अधिकांश शिव भक्त मंडी समिति परिसर में ठहरते हैं और अगले दिन शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। असम हाइवे से मंडी मार्ग की हालत तो ठीक-ठाक है, लेकिन इस मार्ग के दोनों ओर कहीं बजरी मोरंग तो कहीं किसी ने सामान रख रखा है ।
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यहां वाहन मोड़ने में ही छूट जाते हैं पसीने
चौक बाजार से नई तहसील की तरफ जाने के लिए कांवड़ियों के जत्थों को काफी दिक्कत रहती है। मार्ग संकरा होने के बावजूद दोनों तरफ दुकानों के बाहर सामान लगा रहता है। ऊपर से बिजली के झूलते तार रहते हैं। ऐसे में कांवड़ियों के जत्थों में चल रहे वाहनों को मोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी वजह से कई बार कुछ जत्थे धुनों वाला चौराहा की तरफ से गुजर जाते हैं।
कांवड़ यात्रा को लेकर शिव मंदिरों तक जाने वाले सभी मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश जेई को दे दिए गए हैं। कांवड़ियों को आवागमन में कहीं भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विमला जायसवाल, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
कांवड़ यात्रा शांति से संपन्न कराने को बनाई रणनीति
बीसलपुर। कोतवाली में शनिवार शाम हुई शांति समिति की बैठक में कंावड़ यात्राओं को सकुशल संपन्न कराने की रणनीति बनाई गई। तय किया गया कि सावन भर निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के दौरान पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम सौरभ दुबे और संचालन कोतवाल हरीशंकर वर्मा ने किया। इस दौरान सीओ प्रवीण मलिक, एसएसआई इख्त्यिार हुसैन, कस्बा इंचार्ज मोहित कुमार, चुर्रा पुलिस चौकी इंचार्ज जेसी जोशी, खंनका पुलिस चौकी इंचार्ज अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो