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ललौरीखेड़ा पीएचसी स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप
Updated Tue, 08 Aug 2017 05:43 PM IST
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पीलीभीत। डिलेवरी के चंद घंटे बाद नवजात और महिला की मौत के मामले में ललौरीखेड़ा पीएचसी स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। जहानाबाद के एक मजदूर ने एसपी से मामले की शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जहानाबाद के खमरिया पुल गांव निवासी मजदूर सरदार हुसैन ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उसके दो बेटी रिफा (12) और फरीन (10) है। उनकी गर्भवती पत्नी सितारा बी को 30 जुलाई की रात दर्द उठा। इसकी सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही पत्नी ने एक बेटे को जन्म दे दिया। इस पर पीड़ित ने दोनों को वापस घर छोड़ने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस में मौजूद आशा कार्यकत्री और स्टाफ ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए चलने की बात कही और उनको पीएचसी ललौरीखेड़ा ले गए। यहां अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही काफी देर तक बैठाए रखा। इसके बाद पत्नी सितारा बी को पीएचसी के भीतर ले गए और नवजात को पिता के साथ रेफर कर जिला अस्पताल भेज दिया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ ही देर में उसकी पत्नी को भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आए। यहां से रेफर कराकर एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में सितारा बी की भी मौत हो गई। पीड़ित का आरोप है कि ललौरीखेड़ा पीएचसी के कर्मचारियों ने उनको तीन घंटे तक बेवजह एंबुलेंस में बैठाए रखा। इस दौरान कोई इलाज नहीं किया गया। इलाज में बरती गई लापरवाही से पत्नी और नवजात की मौत का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने एसपी से मामले की शिकायत की है। थाना पुलिस पर भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि इसकी तहरीर चार अगस्त को जहानाबाद थाना पर दी गई, लेकिन पुलिस ने पीली पर्ची देकर मामला टाल दिया। एसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जानकारी कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जहानाबाद के खमरिया पुल गांव निवासी मजदूर सरदार हुसैन ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उसके दो बेटी रिफा (12) और फरीन (10) है। उनकी गर्भवती पत्नी सितारा बी को 30 जुलाई की रात दर्द उठा। इसकी सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही पत्नी ने एक बेटे को जन्म दे दिया। इस पर पीड़ित ने दोनों को वापस घर छोड़ने की बात कही, लेकिन एंबुलेंस में मौजूद आशा कार्यकत्री और स्टाफ ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए चलने की बात कही और उनको पीएचसी ललौरीखेड़ा ले गए। यहां अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही काफी देर तक बैठाए रखा। इसके बाद पत्नी सितारा बी को पीएचसी के भीतर ले गए और नवजात को पिता के साथ रेफर कर जिला अस्पताल भेज दिया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ ही देर में उसकी पत्नी को भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आए। यहां से रेफर कराकर एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में सितारा बी की भी मौत हो गई। पीड़ित का आरोप है कि ललौरीखेड़ा पीएचसी के कर्मचारियों ने उनको तीन घंटे तक बेवजह एंबुलेंस में बैठाए रखा। इस दौरान कोई इलाज नहीं किया गया। इलाज में बरती गई लापरवाही से पत्नी और नवजात की मौत का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने एसपी से मामले की शिकायत की है। थाना पुलिस पर भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना है कि इसकी तहरीर चार अगस्त को जहानाबाद थाना पर दी गई, लेकिन पुलिस ने पीली पर्ची देकर मामला टाल दिया। एसपी कलानिधि नैथानी ने मामले की जानकारी कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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