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सीएमओ ने डॉक्टर सहित पूरे स्टाफ का किया जवाब तलब

Tue, 04 Sep 2018 11:36 PM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:36 PM IST
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सीएमओ ने डॉक्टर सहित पूरे स्टाफ का किया जवाब तलब
सीएमओ ने डॉक्टर सहित पूरे स्टाफ का किया जवाब तलब
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डॉक्टर पर भड़के सीएमएस ने भी कार्रवाई को लिखा पत्र
भंडारे में प्रसाद खाकर 34 लोगों के बीमार होने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। बरखेड़ा के पतरसिया गांव में भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने के बाद एक साथ 34 लोगों के बीमार होने के मामले में सीएमओ ने एमओआईसी सहित पूरे स्टाफ का जवाब तलब किया है। सीएमएस ने भी प्राथमिक उपचार नहीं देने के मामले में कार्रवाई को सीएमओ को पत्र भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की सुस्ती के कारण डॉक्टर बेलगाम होते जा रहे हैं। सीएचसी, पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही का रवैया पहले भी कई बार सामने आया है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्वास्थ्य महकमे के अफसर चुप्पी साध गए थे। पिछले दिनों भरतपुर पीएचसी पर डॉक्टर के नहीं मिलने पर इलाज के अभाव में एक महिला ने दम तोड़ दिया था। बरखेड़ा सीएचसी का भी सोमवार रात यही हाल था। सीएचसी पर तैनात डॉ. एसके सिंह, फार्मेसिस्ट आदि के नहीं होने की जानकारी पर खुद अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। वहीं, सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने तो देर रात पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के जिला अस्पताल पहुंचने पर भी बीमार बच्चों का हालचाल जानने की जरूरत तक नहीं समझी। एमओआईसी से फोन पर संपर्क करना भी मुनासिब नहीं समझा। इसकी गंभीरता का अंदाजा उन्हें मंगलवार को लगा तब उन्होंने कुछ कदम उठाए।
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सीएमएस बोले, लापरवाही की सारी हद पार कर दी
एमओआईसी, फार्मेसिस्ट की सीएचसी पर अनुपस्थित होने और प्राथमिक उपचार नहीं मिलने की जानकारी पर देर रात ही सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन फोन पर एमओआईसी डॉ. एसके सिंह पर बिगड़ गए थे। सीएमएस का कहना था कि प्राथमिक उपचार नहीं देकर लापरवाही की सभी हद पार कर दी। जिला अस्पताल भेजने से पहले दूरी का हिसाब तक नहीं देखा। दूरी के हिसाब से नजदीक पड़ने वाले बीसलपुर सीएचसी पर कम से कम प्राथमिक उपचार दिलाया जा सकता था। एक भी मरीज की अगर हालत ज्यादा बिगड़ जाती तो जवाब देते नहीं बनता।
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वर्जन-
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत नार्मल है। सीएचसी पर अनुपस्थित रहने और प्राथमिक उपचार नहीं मिलने पर एमओआईसी, फार्मेसिस्ट समेत पूरे स्टाफ का जवाब तलब किया गया है। लापरवाही सामने आने पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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