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वनसंरक्षक ने किया घटना स्थल का निरीक्षण
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:57 PM IST
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला
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दूसरे दिन हुआ बाघ के हमले में मृत युवक का अंतिम संस्कार
खुटार रेंज के निकट क्षेत्र में अब भी बाघ की दहशत
जोगराजपुर/पीलीभीत। खुटार रेंज के निकट रविवार को बाघ ने हमलाकर गांव चतीपुर निवासी राजेश को निवाला बना लिया था। सोमवार को वनसंरक्षक वीके सिंह ने चतीपुर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण कर वनकर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर राजेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाघ के हमले से क्षेत्र में उसकी दहशत कायम है।
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में रविवार को दोपहर गन्ना छीलने गए चतीपुर के मजदूरों पर बाघ ने हमला कर दिया था। इस हमले में राजेश को बाघ पकड़ लिया और गन्ने के खेत में घसीट ले गया था। राजेश की मौत के बाद एकत्र ग्रामीणों ने वनकर्मियों की मदद से राजेश के शव को गन्ने के खेत से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मौके पर पहुंचे तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने पांच हजार और वन विभाग की ओर से दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता राजेश के परिवार को दी गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोपहर को राजेश का शव गांव पहुुंचा जिसका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर घटना की दहशत से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। आसपास के खेतों पर भी काम बंद रहा वहीं घटना के स्थल के निकट मार्ग पर भी आवागमन पूरी तरह बंद रहा है जिससे हरीपुर, चतीपुर आदि से लोग सुल्तानपुर बाजार नहीं पहुंचे। उधर दोपहर बाद वनसंरक्षक वीके सिंह खुटार रेंजर के साथ घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया साथ ही वनकर्मियों को इस क्षेत्र में मौजूद रहने एवं बाघ की निगरानी कर उसकी लोकेशन की जानकारी ग्रामीणों को देने के निर्देेश दिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को विभाग से हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
हरीपुर पुलिया पर दिखा बाघ
रविवार को चतीपुर निवासी राजेश को निवाला बनाने वाला बाघ न अब भी क्षेत्र में मौजूद है। सोमवार को गांव हरीपुर निवासी मिश्रीलाल और अनूप ने दोपहर करीब चार बजे बाघ को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर हरीपुर की पुलिया पर बैठा देखा। यह पुलिया गांव से लगभग 300 मीटर की दूरी पर है इससे गांव में दहशत है।
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गजरौला के मूड़ासेमनगर में भी कर रहा विचरण
बाघ की दहशत जिले के लगभग हर क्षेत्र में बढ़ रही है। गजरौला थाना क्षेत्र में माला और दियोरिया रेंज की सीमा पर स्थित गांव मूड़ा सेमनगर के खेतों में बाघ विचरण कर रहा है। सोमवार को ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनविभाग को दी जिसपर माला रेंज के स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन कहीं भी ताजे पगचिह्न नहीं मिले।
बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग
बीसलपुर। पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर लाल वर्मा ने टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश को ज्ञापन भेजकर बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एक बाघ पिछले करीब तीन माह से दियोरिया के जंगल में आ गया था, जो जंगल के किनारे स्थित गांवों के लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इस बाघ की वजह से जंगल किनारे स्थित गांव के लोग अपने खेतों में नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी खेती बाड़ी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में बाघ के आतंक से अतिशीघ्र निजात दिलाने की मांग की गई है।
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खुटार रेंज के निकट क्षेत्र में अब भी बाघ की दहशत
जोगराजपुर/पीलीभीत। खुटार रेंज के निकट रविवार को बाघ ने हमलाकर गांव चतीपुर निवासी राजेश को निवाला बना लिया था। सोमवार को वनसंरक्षक वीके सिंह ने चतीपुर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण कर वनकर्मियों को बाघ की निगरानी के निर्देश दिए। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर राजेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाघ के हमले से क्षेत्र में उसकी दहशत कायम है।
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में रविवार को दोपहर गन्ना छीलने गए चतीपुर के मजदूरों पर बाघ ने हमला कर दिया था। इस हमले में राजेश को बाघ पकड़ लिया और गन्ने के खेत में घसीट ले गया था। राजेश की मौत के बाद एकत्र ग्रामीणों ने वनकर्मियों की मदद से राजेश के शव को गन्ने के खेत से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मौके पर पहुंचे तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने पांच हजार और वन विभाग की ओर से दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता राजेश के परिवार को दी गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोपहर को राजेश का शव गांव पहुुंचा जिसका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर घटना की दहशत से क्षेत्र के लोग परेशान हैं। आसपास के खेतों पर भी काम बंद रहा वहीं घटना के स्थल के निकट मार्ग पर भी आवागमन पूरी तरह बंद रहा है जिससे हरीपुर, चतीपुर आदि से लोग सुल्तानपुर बाजार नहीं पहुंचे। उधर दोपहर बाद वनसंरक्षक वीके सिंह खुटार रेंजर के साथ घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया साथ ही वनकर्मियों को इस क्षेत्र में मौजूद रहने एवं बाघ की निगरानी कर उसकी लोकेशन की जानकारी ग्रामीणों को देने के निर्देेश दिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को विभाग से हरसंभव मदद दिलाई जाएगी।
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हरीपुर पुलिया पर दिखा बाघ
रविवार को चतीपुर निवासी राजेश को निवाला बनाने वाला बाघ न अब भी क्षेत्र में मौजूद है। सोमवार को गांव हरीपुर निवासी मिश्रीलाल और अनूप ने दोपहर करीब चार बजे बाघ को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर हरीपुर की पुलिया पर बैठा देखा। यह पुलिया गांव से लगभग 300 मीटर की दूरी पर है इससे गांव में दहशत है।
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गजरौला के मूड़ासेमनगर में भी कर रहा विचरण
बाघ की दहशत जिले के लगभग हर क्षेत्र में बढ़ रही है। गजरौला थाना क्षेत्र में माला और दियोरिया रेंज की सीमा पर स्थित गांव मूड़ा सेमनगर के खेतों में बाघ विचरण कर रहा है। सोमवार को ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनविभाग को दी जिसपर माला रेंज के स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन कहीं भी ताजे पगचिह्न नहीं मिले।
बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग
बीसलपुर। पूर्व जिला पंचायत सदस्य शंकर लाल वर्मा ने टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश को ज्ञापन भेजकर बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि एक बाघ पिछले करीब तीन माह से दियोरिया के जंगल में आ गया था, जो जंगल के किनारे स्थित गांवों के लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इस बाघ की वजह से जंगल किनारे स्थित गांव के लोग अपने खेतों में नहीं जा रहे हैं, जिससे उनकी खेती बाड़ी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में बाघ के आतंक से अतिशीघ्र निजात दिलाने की मांग की गई है।