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फादर्स डे पर अपने पिता को उपहार देता बेटा
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:55 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)। नगर में रविवार को फादर्स डे हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर बच्चों ने अपने पिता को उपहार भेंट किए।
लैफ्टिनेंट सत्यम के पिता विनोद धामा का कहना है कि समाज की बंदिशों से अपने बच्चे को निकालने का काम एक पिता ही कर सकता है। पिता अगर पास है तो बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस नहीं करते। समाज सेवी सोनू चौहान का कहना है कि पिता एक वट वृक्ष है, जिसके पास खड़े होकर बड़ी से बड़ी परेशानी छोटी हो जाती है। वक्त आने पर वो दोस्त बन जाते हैं। रेवेन्यु बार एसोसिएशन के महासचिव विशाल धामा का कहना है कि जीवन तो मां से मिल जाता है, लेकिन जीवन के थपेड़ों से निपटना तो पिता ही सिखाते हैं। जिंदगी में जब बच्चा आगे बढ़ता है तो उसके कदम कहां पड़े और कहा नहीं, यह बच्चे को मालूम नहीं होता। यह सब पिता ही बच्चे को सिखाते हैं। इसलिए बच्चे के जीवन में पिता की अहम भूमिका होती है।
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लैफ्टिनेंट सत्यम के पिता विनोद धामा का कहना है कि समाज की बंदिशों से अपने बच्चे को निकालने का काम एक पिता ही कर सकता है। पिता अगर पास है तो बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस नहीं करते। समाज सेवी सोनू चौहान का कहना है कि पिता एक वट वृक्ष है, जिसके पास खड़े होकर बड़ी से बड़ी परेशानी छोटी हो जाती है। वक्त आने पर वो दोस्त बन जाते हैं। रेवेन्यु बार एसोसिएशन के महासचिव विशाल धामा का कहना है कि जीवन तो मां से मिल जाता है, लेकिन जीवन के थपेड़ों से निपटना तो पिता ही सिखाते हैं। जिंदगी में जब बच्चा आगे बढ़ता है तो उसके कदम कहां पड़े और कहा नहीं, यह बच्चे को मालूम नहीं होता। यह सब पिता ही बच्चे को सिखाते हैं। इसलिए बच्चे के जीवन में पिता की अहम भूमिका होती है।