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मां की ममता की छांव में ही पले बढ़ेंगे शावक
Updated Sat, 17 Mar 2018 08:55 PM IST
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शावकों को उठा ले गई मादा तेंदुआ
मझोला से सटे उत्तराखंड के खेत में मिले थे तीन शावक
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/ पीलीभीत। मझोला की सीमा से सटे उत्तराखंड के हल्दीपुर गांव के खेत में मिले शावकों को शुक्रवार की रात मादा तेंदुआ उठा ले गई। शावकों के चले जाने से उत्तराखंड वनप्रभाग ने राहत की सांस ली है।
जिले के मझोला कस्बे के निकट उत्तराखंड की सीमा के गांव हल्दीपुर निवासी मेहर सिंह के गन्ने के खेत में तेंदुए के तीन शावक बृहस्पतिवार को देखे गए थे। शावकों को देखने के लिए आसपास से बढ़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। भीड़ बढ़ती देख उत्तराखंड वनप्रभाग ने खेत से लगभग 50 मीटर दूर आबादी की ओर जाल लगा दिया साथ निगरानी के लिए टीम भी लगा दी गई थी। चूंकि शावकों की मां उनके आसपास नजर नहीं आ रही थी जिससे यह माना जा रहा था कि मादा तेंदुआ शावकों को छोड़कर चली गई है। वनप्रभाग रविवार तक शावकों की मां के वापस न जाने पर चिड़ियाघर भेजने की तैयारी में था। इस बीच शुक्रवार रात के समय शावकों की मां (मादा तेंदुआ) खेत में पहुंची और शावकों को लेकर चली गई। शनिवार की सुबह जब निगरानी टीम मौके पर पहुंची तो शावक खेत में नहीं मिले। खेत में तेंदुए के पदचिह्न मिले हैं। इससे यह माना जा रहा है कि मादा तेंदुआ अपने शावकों को ले गई है।
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मझोला से सटे उत्तराखंड के खेत में मिले थे तीन शावक
अमर उजाला ब्यूरो
मझोला/ पीलीभीत। मझोला की सीमा से सटे उत्तराखंड के हल्दीपुर गांव के खेत में मिले शावकों को शुक्रवार की रात मादा तेंदुआ उठा ले गई। शावकों के चले जाने से उत्तराखंड वनप्रभाग ने राहत की सांस ली है।
जिले के मझोला कस्बे के निकट उत्तराखंड की सीमा के गांव हल्दीपुर निवासी मेहर सिंह के गन्ने के खेत में तेंदुए के तीन शावक बृहस्पतिवार को देखे गए थे। शावकों को देखने के लिए आसपास से बढ़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। भीड़ बढ़ती देख उत्तराखंड वनप्रभाग ने खेत से लगभग 50 मीटर दूर आबादी की ओर जाल लगा दिया साथ निगरानी के लिए टीम भी लगा दी गई थी। चूंकि शावकों की मां उनके आसपास नजर नहीं आ रही थी जिससे यह माना जा रहा था कि मादा तेंदुआ शावकों को छोड़कर चली गई है। वनप्रभाग रविवार तक शावकों की मां के वापस न जाने पर चिड़ियाघर भेजने की तैयारी में था। इस बीच शुक्रवार रात के समय शावकों की मां (मादा तेंदुआ) खेत में पहुंची और शावकों को लेकर चली गई। शनिवार की सुबह जब निगरानी टीम मौके पर पहुंची तो शावक खेत में नहीं मिले। खेत में तेंदुए के पदचिह्न मिले हैं। इससे यह माना जा रहा है कि मादा तेंदुआ अपने शावकों को ले गई है।
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