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अफसर जागे, रेंडम चेकिंग में महिला अस्पताल की खुली पोल
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रेंडम चेकिंग में महिला अस्पताल की खुली पोल
कमिश्नर के आदेश पर रात में डीएम अमले के साथ पहुंचे अस्पताल, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मंगलवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर रणवीर प्रसाद की ओर से दिखाई गई सख्ती का असर देर रात देखने को मिला। डीएम प्रशासनिक अमले के साथ रात करीब दस बजे जिला महिला अस्पताल में रेंडम चेकिंग को पहुंचे तो वहां व्यवस्थाओं के दावों की पोल खुल गई। निरीक्षण में चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक गायब दिखे। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। अचानक रात में प्रशासिनक अफसरों के पहुंचने पर जिला पुरुष अस्पताल में भी हड़कंप की स्थिति रही।
कहने को स्वास्थ्य विभाग हर व्यक्ति को सही और समय पर उपचार देने का दावा करता है, लेकिन यह दावे शहर के जिला व पुरुष महिला अस्पताल में आकर फेल हो जाते हैं। सरकार मरीजों के इलाज में लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। डॉक्टरों और स्टाफ को वेतन दे रही है। बावजूद इसके रात के समय मरीजों को असुविधा होती है। इसकी हकीकत मंगलवार रात करीब दस बजे देखने को मिली। सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने लेबर रूम पहुंचकर मरीजों से उनको मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा व एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्रा जिला अस्पताल में व्यवस्था देखते रहे। इसके बाद उन्होंने एसएनसीयू वार्ड (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट), इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों से फीडबैक लिया। रात में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सेहत को लेकर अस्पताल प्रशासन का लापरवाह रवैया देखने को मिला। मरीज को अटेंड करने के लिए चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी गायब दिखे। इस पर नाराजगी व्यक्त कर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सख्त दिशा निर्देश दिए गए।
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कमिश्नर के आदेश पर रात में डीएम अमले के साथ पहुंचे अस्पताल, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मंगलवार को तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर रणवीर प्रसाद की ओर से दिखाई गई सख्ती का असर देर रात देखने को मिला। डीएम प्रशासनिक अमले के साथ रात करीब दस बजे जिला महिला अस्पताल में रेंडम चेकिंग को पहुंचे तो वहां व्यवस्थाओं के दावों की पोल खुल गई। निरीक्षण में चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक गायब दिखे। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। अचानक रात में प्रशासिनक अफसरों के पहुंचने पर जिला पुरुष अस्पताल में भी हड़कंप की स्थिति रही।
कहने को स्वास्थ्य विभाग हर व्यक्ति को सही और समय पर उपचार देने का दावा करता है, लेकिन यह दावे शहर के जिला व पुरुष महिला अस्पताल में आकर फेल हो जाते हैं। सरकार मरीजों के इलाज में लाखों, करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। डॉक्टरों और स्टाफ को वेतन दे रही है। बावजूद इसके रात के समय मरीजों को असुविधा होती है। इसकी हकीकत मंगलवार रात करीब दस बजे देखने को मिली। सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने लेबर रूम पहुंचकर मरीजों से उनको मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा व एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्रा जिला अस्पताल में व्यवस्था देखते रहे। इसके बाद उन्होंने एसएनसीयू वार्ड (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट), इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों से फीडबैक लिया। रात में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सेहत को लेकर अस्पताल प्रशासन का लापरवाह रवैया देखने को मिला। मरीज को अटेंड करने के लिए चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी गायब दिखे। इस पर नाराजगी व्यक्त कर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सख्त दिशा निर्देश दिए गए।
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