{"_id":"5bed5f16bdec2269724a878d","slug":"11542283030-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में दम तोड़ रही युवा स्वरोजगार योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में दम तोड़ रही युवा स्वरोजगार योजना
Updated Thu, 15 Nov 2018 05:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में दम तोड़ रही युवा स्वरोजगार योजना
बैंक की उदासीनता पड़ रही भारी, बेरोजगार लगा रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना बैंकिंग उदासीनता के कारण दम तोड़ रही है। जिला उद्योग केंद्र की तरफ से बेरोजगार युवाओं को उद्यम लगाने के लिए संबंधित बैंक को 97 फाइलें ऋण स्वीकृत के लिए भेजी गई। लेकिन अभी तक महज दस का ही निपटारा किया जा सका है। जबकि नियमानुसार 13 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थलीय सत्यापन करने का प्रावधान है। ऐसे में परेशान बेरोजगार बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में उद्योग लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक का ऋण देनी की व्यवस्था है। 25 प्रतिशत अनुदान देना का प्रावधान है। जिला उद्योग केंद्र को 114 का लक्ष्य दिया गया है। 271 युवाओं ने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। साक्षात्कार में 97 अभ्यार्थी ही योग्य पाए गए। विभाग की ओर से 97 बेरोजागार युवाओं की फाइलों को बीते माह बैंक भेज दिया गया। नियम के तहत 15 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थानीय सत्यापन कर निपटारा करना होता है। लेकिन अभी तक महज 10 बेरोजगारों को ही ऋण मिल सका है। बाकी बचे परेशान बेरोजगार जिला उद्योग केंद्र से लेकर बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। बेरोजगार प्रवीण, अभिषेक का कहना है कि जिला उद्योग केंद्र तथा बैंकों के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के वरिष्ठ लिपिक तनवीर का कहना है कि 97 बेरोजगारों की फाइलें बैंकों को भेजी गई हैं। 10 को ऋण मिल चुका है। कुछ बेरोजगार ऐसे भी सामने आए हैं जिनके बैंक खातों में कमियां पाई गई हैं जिस कारण उनको ऋण नहीं दिया गया।
विज्ञापन
बैंक की उदासीनता पड़ रही भारी, बेरोजगार लगा रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना बैंकिंग उदासीनता के कारण दम तोड़ रही है। जिला उद्योग केंद्र की तरफ से बेरोजगार युवाओं को उद्यम लगाने के लिए संबंधित बैंक को 97 फाइलें ऋण स्वीकृत के लिए भेजी गई। लेकिन अभी तक महज दस का ही निपटारा किया जा सका है। जबकि नियमानुसार 13 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थलीय सत्यापन करने का प्रावधान है। ऐसे में परेशान बेरोजगार बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में उद्योग लगाने के लिए 25 लाख रुपये तक का ऋण देनी की व्यवस्था है। 25 प्रतिशत अनुदान देना का प्रावधान है। जिला उद्योग केंद्र को 114 का लक्ष्य दिया गया है। 271 युवाओं ने योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। साक्षात्कार में 97 अभ्यार्थी ही योग्य पाए गए। विभाग की ओर से 97 बेरोजागार युवाओं की फाइलों को बीते माह बैंक भेज दिया गया। नियम के तहत 15 दिन के अंदर ही बैंकों को स्थानीय सत्यापन कर निपटारा करना होता है। लेकिन अभी तक महज 10 बेरोजगारों को ही ऋण मिल सका है। बाकी बचे परेशान बेरोजगार जिला उद्योग केंद्र से लेकर बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। बेरोजगार प्रवीण, अभिषेक का कहना है कि जिला उद्योग केंद्र तथा बैंकों के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला उद्योग केंद्र के वरिष्ठ लिपिक तनवीर का कहना है कि 97 बेरोजगारों की फाइलें बैंकों को भेजी गई हैं। 10 को ऋण मिल चुका है। कुछ बेरोजगार ऐसे भी सामने आए हैं जिनके बैंक खातों में कमियां पाई गई हैं जिस कारण उनको ऋण नहीं दिया गया।
विज्ञापन