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वनविभाग की रिपोर्ट के बिना हो रहे शस्त्र नवीनीकरण

Fri, 06 Jul 2018 11:24 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:24 PM IST
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वनविभाग की रिपोर्ट के बिना हो रहे शस्त्र नवीनीकरण
वनविभाग की रिपोर्ट के बिना हो रहे शस्त्र नवीनीकरण
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टाइगर रिजर्व बनने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से हुआ था शासनादेश
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद वन्यजीवों का शिकार रोकने एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने जंगल से सटे गांव के शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए वन विभाग की रिपोर्ट लगानी जरूरी कर दी है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना है लेकिन आदेशों को हवा में उड़ाते हुए बिना वन विभाग की रिपोर्ट लगे ही लाइसेंस के नवीनीकरण किए जा रहे हैं। इससे जहां वन्यजीवों को खतरा है वहीं राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
शासन ने नौ जून 2014 को पीलीभीत के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया था। टाइगर रिजर्व बनने के करीब एक साल बाद शासन ने जंगल से सटे क्षेत्र में नए शस्त्र लाइसेंस के साथ ही शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भी वन विभाग की संस्तुति अनिवार्य कर दी थी। इसके लिए 1500 रुपये शुल्क भी निर्धारित किया है। इस शासनादेश पर जिला प्रशासन ने टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे गांव की थानावार सूची प्राप्त की एसपी के माध्यम से सभी थानों में भेज दी थी। नियमानुसार नवीनीकरण के लिए जब पत्रावली संबंधित थाने पहुंचती है तब पुलिस को उसे संबंधित रेंज कार्यालय भेजना चाहिए ताकि वनविभाग से शस्त्रधारक के बारे में सही जानकारी मिल सके। इससे शिकारियों अथवा वन्य अपराधों में लिप्त पाए गए लोगों के शस्त्र नवीनीकरण पर भी अंकुश लग सकता है लेकिन इस शासनादेश पर न तो पुलिस ध्यान दे रही है और ही शस्त्र विभाग। शस्त्र कार्यालय में पत्रावली पहुंचने पर वनविभाग से प्राप्त सूची से गांव का मिलान कर इसे रोका जा सकता है।
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नीलगाय के शिकार में पकड़े गए थे पिता पुत्र
करीब तीन माह पूर्व शहर निवासी मोबाइल कारोबारी मुन्ना सहित तीन लोगों को पुलिस ने नीलगाय के शिकार के आरोप में पकड़ा था। देवहा पुल के निकट पकड़े गए मुन्ना उसके पिता एवं एक अन्य के पास से लाइसेंसी बंदूक के साथ नीलगाय के अवशेष भी बरामद हुए थे।
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टाइगर रिजर्व का चार्ज संभाले लगभग एक माह से अधिक का समय हो गया है अभी तक कोई शस्त्र लाइसेंस की पत्रावली रिपोर्ट लगने को नहीं आई है। उच्चाधिकारियों से बात कर इसे लागू कराया जाएगा।

आदर्श कुमार, डीएफओ, टाइगर रिजर्व
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शस्त्र लाइसेंस में वनविभाग की रिपोर्ट लगने का आदेश है तो उसका पालन कराया जाएगा। जंगल किनारे के जो गांव चिह्नित हैं उनमें वनविभाग की रिपोर्ट लगवाई जाएगी।
डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र, जिलाधिकारी
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