{"_id":"5b27fc5d4f1c1bf26e8b8b71","slug":"11529347165-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"80 रोगियों को बांटे गए कफ कंटेनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
80 रोगियों को बांटे गए कफ कंटेनर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Tue, 19 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी रोगियों को खोजने के लिए जिले में आज से सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान शुरू हो गया। पहले दिन जनपद के तीन ब्लॉक न्यूरिया, ललौरीखेड़ा और अमरियां में सुपरवाइजरों के नेतृत्व में टीमों ने घर-घर जाकर बलगम का सेंपल देने के लिए कफ कंटेनर (डिब्बी) वितरित की। सोमवार को कफ कंटेनर में बलगम के सेंपल मिलने देने के बाद के बाद उसकी जांच होगी। इसके बाद टीबी के लक्ष्य मिलने पर इलाज किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश भटट्ट ने बताया कि सक्रिय टीबी रोग खोज अभियान का द्वितीय चरण का अभियान के पहले दिन सोमवार को तीन ब्लॉकों में पहुंची टीमों ने घर-घर जाकर लोगों से खांसी आने की जानकारी ली। इसके बाद करीब 80 लोगों को कफ कंटेनर वितरित कर मंगलवार को बलगम के सेंपल देने के लिए कहा गया है। यह सभी कफ कंटेनर वापस मिलने के बाद आज बलगम के सेंपलों की जांच होगी। जांच में जिन मरीजों को टीबी रोग के लक्षण मिलेंगे उनका इलाज किया जाएगा। बता दें कि टीबी रोग का खात्मा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तमाम कोशिशें की जा रहीं है, क्षय रोग की पुष्टी होने पर मरीज को इलाज के साथ-साथ हर माह उसके खाते में पांच सौ रुपये भेजे जा रहे है। ताकि क्षय रोग का खत्म हो जाए। न्यूरिया ब्लॉक के सुपरवाइजर गोविंद राम ने बताया कि एक सुपरवाइजर के नेतृत्व में पांच टीमें लगी हुई हैं। एक टीम में बीस लोग शामिल हैं।
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश भटट्ट ने बताया कि सक्रिय टीबी रोग खोज अभियान का द्वितीय चरण का अभियान के पहले दिन सोमवार को तीन ब्लॉकों में पहुंची टीमों ने घर-घर जाकर लोगों से खांसी आने की जानकारी ली। इसके बाद करीब 80 लोगों को कफ कंटेनर वितरित कर मंगलवार को बलगम के सेंपल देने के लिए कहा गया है। यह सभी कफ कंटेनर वापस मिलने के बाद आज बलगम के सेंपलों की जांच होगी। जांच में जिन मरीजों को टीबी रोग के लक्षण मिलेंगे उनका इलाज किया जाएगा। बता दें कि टीबी रोग का खात्मा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तमाम कोशिशें की जा रहीं है, क्षय रोग की पुष्टी होने पर मरीज को इलाज के साथ-साथ हर माह उसके खाते में पांच सौ रुपये भेजे जा रहे है। ताकि क्षय रोग का खत्म हो जाए। न्यूरिया ब्लॉक के सुपरवाइजर गोविंद राम ने बताया कि एक सुपरवाइजर के नेतृत्व में पांच टीमें लगी हुई हैं। एक टीम में बीस लोग शामिल हैं।
विज्ञापन