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अच्छी पहल: अफसर, कर्मचारी अपने पैसे से चमकाएंगे तहसील
Updated Mon, 15 Jan 2018 11:56 PM IST
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तहसील
- फोटो : अमर उजाला
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प्राइवेट सेक्टर के कार्यालय की तरह दिखेगी पूरनपुर तहसील
रिसेप्शन पर दी जाएगी गांव से आने वालों को सही जानकारी
पूरनपुर। तहसील कार्यालय जल्द ही मॉडल तहसील कार्यालय बनेगा। परिसर में पूछताछ काउंटर होगा। किस कक्ष में कौन विभाग और कौन कर्मचारी तैनात है। संबंधित कक्ष में कौन से कार्य होंगे। तैनात कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर क्या हैं, कौन सा अभिलेख अथवा प्रमाणपत्र कितने दिन में बन कर तैयार होगा इसका ब्योरा भी रिसेप्शन काउंटर पर मिल जाएगा। सभी कक्षों में लग्जरी फर्नीचर होंगे और कार्य पारदर्शिता आदि को जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। सभागार को कांफ्रेंस हाल का रूप दिया जाएगा। इसमें प्रोजक्टर भी लगेगा, ताकि प्राइवेट सेक्टरों की तरह तहसील कार्यालय दिखे। खास बात तो यह है कि इस सबके लिए शासन से कोई बजट नहीं आया है। डीएम शीतल वर्मा ने इसके लिए अपना चार दिन का वेतन देकर इसकी पहल की है। जिसके बाद एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने भी अपना एक-एक माह का वेतन दिया है। तहसील के अन्य कर्मचारी भी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। 26 जनवरी को इस मॉडल तहसील का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।
तहसील कार्यालय भवन का निर्माण करीब एक साल पहले कराया गया था। पहले एसडीएम और तहसील कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर थे। अब दो मंजिला तहसील कार्यालय भवन मेें ही एसडीएम और तहसील कार्यालय का संचालन हो रहा है। तहसील परिसर में कई कक्ष होने से तहसील कार्यालय कार्यों से पहुंचने वाले लोगों को पूछताछ करनी पड़ती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। तहसील में पहुंचने वाले फरियादियों को जानकारी को भटकना न पड़े, इसके लिए मुख्य गेट के समीप पूछताछ काउंटर का निर्माण शुरू कराया गया है। सभागार को कांफ्रेंस हाल का रूप देने को कार्य चल रहा है। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि पूछताछ काउंटर पर तहसील पहुंचने वाले फरियादियों और अन्य को पूरी जानकारी मिलेगी। काउंटर के समीप किस कक्ष में कौन से कार्य होते हैं? कौन-कौन कर्मचारी किस कक्ष में मिलेंगे के साथ उनके नाम और मोबाइल नंबर भी बताएं जाएंगे। इसके अलावा कौन सा प्रमाण पत्र आदि प्रपत्र जारी कराने को किस कर्मचारी से संपर्क करें। उसकी सरकारी फीस और जारी होने की अवधि क्या है? इसका भी उल्लेख होगा। सभागार कक्ष को कांफ्रेंस हाल का रूप देकर उसमें प्रोजक्टर लगवाया जाएगा। ताकि किसी बैठक पर लोगों को समझाने को प्रोजक्टर के माध्यम से उसे जानकारी दी जा सके। परिसर में धूम्रपान और पॉलीथिन का प्रयोग निषेध रहेगा। पारदर्शिता के लिए जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी योजनाओं की वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। सभी कक्षों का फर्नीचर अच्छा होगा, ताकि तहसील प्राइवेट सेक्टरों की तरह दिखे। मॉडल तहसील का शुभारंभ 26 जनवरी को किया जाएगा।
तहसील कार्यालय को मॉडल बनाने का कार्य करवाया जा रहा है। इसमें डीएम ने अपना चार दिन का वेतन दिया है। मैंने, तहसीलदार और नायब तहसीलदार एक-एक माह का वेतन देने रहे हैं। अन्य करीब सभी कर्मचारी भी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं।
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- शशि भूषण राय, एसडीएम
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रिसेप्शन पर दी जाएगी गांव से आने वालों को सही जानकारी
पूरनपुर। तहसील कार्यालय जल्द ही मॉडल तहसील कार्यालय बनेगा। परिसर में पूछताछ काउंटर होगा। किस कक्ष में कौन विभाग और कौन कर्मचारी तैनात है। संबंधित कक्ष में कौन से कार्य होंगे। तैनात कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर क्या हैं, कौन सा अभिलेख अथवा प्रमाणपत्र कितने दिन में बन कर तैयार होगा इसका ब्योरा भी रिसेप्शन काउंटर पर मिल जाएगा। सभी कक्षों में लग्जरी फर्नीचर होंगे और कार्य पारदर्शिता आदि को जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। सभागार को कांफ्रेंस हाल का रूप दिया जाएगा। इसमें प्रोजक्टर भी लगेगा, ताकि प्राइवेट सेक्टरों की तरह तहसील कार्यालय दिखे। खास बात तो यह है कि इस सबके लिए शासन से कोई बजट नहीं आया है। डीएम शीतल वर्मा ने इसके लिए अपना चार दिन का वेतन देकर इसकी पहल की है। जिसके बाद एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने भी अपना एक-एक माह का वेतन दिया है। तहसील के अन्य कर्मचारी भी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। 26 जनवरी को इस मॉडल तहसील का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।
तहसील कार्यालय भवन का निर्माण करीब एक साल पहले कराया गया था। पहले एसडीएम और तहसील कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर थे। अब दो मंजिला तहसील कार्यालय भवन मेें ही एसडीएम और तहसील कार्यालय का संचालन हो रहा है। तहसील परिसर में कई कक्ष होने से तहसील कार्यालय कार्यों से पहुंचने वाले लोगों को पूछताछ करनी पड़ती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। तहसील में पहुंचने वाले फरियादियों को जानकारी को भटकना न पड़े, इसके लिए मुख्य गेट के समीप पूछताछ काउंटर का निर्माण शुरू कराया गया है। सभागार को कांफ्रेंस हाल का रूप देने को कार्य चल रहा है। नायब तहसीलदार अनुराग सिंह ने बताया कि पूछताछ काउंटर पर तहसील पहुंचने वाले फरियादियों और अन्य को पूरी जानकारी मिलेगी। काउंटर के समीप किस कक्ष में कौन से कार्य होते हैं? कौन-कौन कर्मचारी किस कक्ष में मिलेंगे के साथ उनके नाम और मोबाइल नंबर भी बताएं जाएंगे। इसके अलावा कौन सा प्रमाण पत्र आदि प्रपत्र जारी कराने को किस कर्मचारी से संपर्क करें। उसकी सरकारी फीस और जारी होने की अवधि क्या है? इसका भी उल्लेख होगा। सभागार कक्ष को कांफ्रेंस हाल का रूप देकर उसमें प्रोजक्टर लगवाया जाएगा। ताकि किसी बैठक पर लोगों को समझाने को प्रोजक्टर के माध्यम से उसे जानकारी दी जा सके। परिसर में धूम्रपान और पॉलीथिन का प्रयोग निषेध रहेगा। पारदर्शिता के लिए जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सरकारी योजनाओं की वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। सभी कक्षों का फर्नीचर अच्छा होगा, ताकि तहसील प्राइवेट सेक्टरों की तरह दिखे। मॉडल तहसील का शुभारंभ 26 जनवरी को किया जाएगा।
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तहसील कार्यालय को मॉडल बनाने का कार्य करवाया जा रहा है। इसमें डीएम ने अपना चार दिन का वेतन दिया है। मैंने, तहसीलदार और नायब तहसीलदार एक-एक माह का वेतन देने रहे हैं। अन्य करीब सभी कर्मचारी भी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं।
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- शशि भूषण राय, एसडीएम