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नीमा डॉक्टर दिल्ली में धरने पर, क्लीनिक नर्सिंग होम रहे बंद
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:40 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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कई डॉक्टर रविवार देर शाम दिल्ली हुए रवाना
स्वास्थ्य सेवाएं रही प्रभावित, मरीज दवा को भटके
जिले में 400 से अधिक नीमा चिकित्सक
एनसीआईएसएम बिल और चिकित्सकों के हो रहे शोषण के विरोध में नेशनल इंट्रीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े आयुर्वेद और यूनानी डाक्टरों ने सोमवार क्लीनिक और नर्सिंगहोम बंद रखे। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। वहीं कई मरीजों को बिना दवा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन सेंट्रल काउंसिल के आह्वान पर जिले के कई नीमा डॉक्टर रविवार रात दिल्ली में होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह नीमा डॉक्टरों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डीएन शर्मा के नेतृत्व में शांति देसाई स्पोर्ट्स क्लब में धरना प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सचिव डॉ. मोहम्मद अफसर ने बताया कि नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन बिल, आयुर्वेद डाक्टरों के हो रहे शोषण, अधिकार छीनने पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन व पैदल मार्च किया गया। इधर, जिले भर के नीमा से जुड़े आयुर्वेद व यूनानी डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद रखे। हालांकि इसको लेकर मरीजों में कुछ रोष देखा गया। मरीजों का कहना था कि डॉक्टरों को तो कम से कम हड़ताल आदि में शामिल नहीं होना चाहिए।
पूरनपुर। यहां के नीमा चिकित्सकों ने भी दिल्ली में हुए धरना प्रदर्शन और पैदल मार्च में भाग लिया। इसके चलते नीमा से जुड़े चिकित्सकों के क्लीनिक बंद रहे। दवा लेने आए मरीजों को बिना दवा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
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क्लीनिक बंद होने से भटके मरीज
जिले में नीमा से जुड़े करीब 400 डाक्टर हैं। नीमा डाक्टरों के विरोध प्रदर्शन के चलते दूर-दराज से दवा लेने शहर पहुंचे कई मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह क्लीनिकों के सामने मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बाद में जब डाक्टरों के दिल्ली जाने की हुई तो अधिकांश मरीज बिना दवा लिए ही वापस लौट गए। हालांकि कुछ मरीज मेडिकल स्टोरों का सहारा लेते देखे गए।
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स्वास्थ्य सेवाएं रही प्रभावित, मरीज दवा को भटके
जिले में 400 से अधिक नीमा चिकित्सक
एनसीआईएसएम बिल और चिकित्सकों के हो रहे शोषण के विरोध में नेशनल इंट्रीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े आयुर्वेद और यूनानी डाक्टरों ने सोमवार क्लीनिक और नर्सिंगहोम बंद रखे। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। वहीं कई मरीजों को बिना दवा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन सेंट्रल काउंसिल के आह्वान पर जिले के कई नीमा डॉक्टर रविवार रात दिल्ली में होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह नीमा डॉक्टरों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. डीएन शर्मा के नेतृत्व में शांति देसाई स्पोर्ट्स क्लब में धरना प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सचिव डॉ. मोहम्मद अफसर ने बताया कि नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन बिल, आयुर्वेद डाक्टरों के हो रहे शोषण, अधिकार छीनने पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में धरना प्रदर्शन व पैदल मार्च किया गया। इधर, जिले भर के नीमा से जुड़े आयुर्वेद व यूनानी डॉक्टरों ने अपने क्लीनिक बंद रखे। हालांकि इसको लेकर मरीजों में कुछ रोष देखा गया। मरीजों का कहना था कि डॉक्टरों को तो कम से कम हड़ताल आदि में शामिल नहीं होना चाहिए।
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पूरनपुर। यहां के नीमा चिकित्सकों ने भी दिल्ली में हुए धरना प्रदर्शन और पैदल मार्च में भाग लिया। इसके चलते नीमा से जुड़े चिकित्सकों के क्लीनिक बंद रहे। दवा लेने आए मरीजों को बिना दवा लिए ही बैरंग लौटना पड़ा।
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क्लीनिक बंद होने से भटके मरीज
जिले में नीमा से जुड़े करीब 400 डाक्टर हैं। नीमा डाक्टरों के विरोध प्रदर्शन के चलते दूर-दराज से दवा लेने शहर पहुंचे कई मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह क्लीनिकों के सामने मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। बाद में जब डाक्टरों के दिल्ली जाने की हुई तो अधिकांश मरीज बिना दवा लिए ही वापस लौट गए। हालांकि कुछ मरीज मेडिकल स्टोरों का सहारा लेते देखे गए।