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नंदघरों उगी ताजी सब्जियों का सेवन करेंगे बच्चे
Updated Sat, 08 Jul 2017 06:31 PM IST
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पीलीभीत। संसाधनों और व्यवस्थाओं का उपयोग कर उन्हें और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है यह नंदघर (मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र) में कृषक बंधु के सहयोग से उगाई जा रही जैविक सब्जियों को देखकर सीखा जा सकता है। नंदघर के खाली परिसर में उग रही सब्जियां केंद्र पर आने वाले कुपोषित बच्चों की माताओं को नि:शुल्क दी जा रही हैं ताकि बच्चों को हरी भरी सब्जियां मिल सकें।
केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों को वेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक रूप में बनवाया जा रहा है। शासन ने इन्हें नंदघर का नाम दिया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन नंद घरों के चारों ओर खाली परिसर छोड़ा गया है। इस परिसर का सही उपयोग करने की आइडिया किसानों एवं कुपोषण पर काम कर रही संस्था कृषक बंधु के जिला समन्वयक सतेंद्र कुमार आया और उन्होंने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक नंद घरों की आंगनबाड़ी को प्रेरित कर हरी सब्जियों का उत्पादन शुरू कराया गया है। नंद घरों में उगाई जा रही सब्जियों की सबसे बड़ी खासियत इनका पूरी तरह से जैविक होना है। बीज बोने से लेकर सब्जियां तोडने तक किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा या खाद स्प्रे आदि इसमें प्रयोग नहीं किया गया।
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कुपोषित बच्चों को मिलती हैं सब्जियां
नंदघरों पर उगाई जा रही सब्जियों केंद्रों पर आने वाले गांव के कुपोषित बच्चों की माताओं को नि:शुल्क उपल्ब्ध कारई जाती है। इससे बच्चों को हरी एवं पौष्टिक सब्जियां आसानी से मिल जाती हैं।
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यह उगाई जा रही फल सब्जियां
नंदघरों में बीन्स, पुदीना, पपीता, लौकी, खीरा, बैंगन, तुरई, भिंडी आदि उगाई जा रही है।
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खाली जमीन पर बाउंड्री के किनारे सब्जियां उगाई जा रही है। इनका वितरण कुपोषित बच्चों की माताओं को किया जा रहा है ताकि वह अपने बच्चों को हरी सब्जियां खिला सकें।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों को वेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक रूप में बनवाया जा रहा है। शासन ने इन्हें नंदघर का नाम दिया है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन नंद घरों के चारों ओर खाली परिसर छोड़ा गया है। इस परिसर का सही उपयोग करने की आइडिया किसानों एवं कुपोषण पर काम कर रही संस्था कृषक बंधु के जिला समन्वयक सतेंद्र कुमार आया और उन्होंने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक नंद घरों की आंगनबाड़ी को प्रेरित कर हरी सब्जियों का उत्पादन शुरू कराया गया है। नंद घरों में उगाई जा रही सब्जियों की सबसे बड़ी खासियत इनका पूरी तरह से जैविक होना है। बीज बोने से लेकर सब्जियां तोडने तक किसी भी प्रकार की रासायनिक दवा या खाद स्प्रे आदि इसमें प्रयोग नहीं किया गया।
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कुपोषित बच्चों को मिलती हैं सब्जियां
नंदघरों पर उगाई जा रही सब्जियों केंद्रों पर आने वाले गांव के कुपोषित बच्चों की माताओं को नि:शुल्क उपल्ब्ध कारई जाती है। इससे बच्चों को हरी एवं पौष्टिक सब्जियां आसानी से मिल जाती हैं।
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यह उगाई जा रही फल सब्जियां
नंदघरों में बीन्स, पुदीना, पपीता, लौकी, खीरा, बैंगन, तुरई, भिंडी आदि उगाई जा रही है।
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खाली जमीन पर बाउंड्री के किनारे सब्जियां उगाई जा रही है। इनका वितरण कुपोषित बच्चों की माताओं को किया जा रहा है ताकि वह अपने बच्चों को हरी सब्जियां खिला सकें।
- राजकपूर, जिला कार्यक्रम अधिकारी