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जीआरपी ने दबोचा महिला दरोगा के भाई की हत्या करने वाला शूटर
Wed, 17 Apr 2019 12:00 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:00 AM IST
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जीआरपी की गिरफ्त में आया शॉर्प शूटर सन्नी।
- फोटो : अमर उजाला
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जीआरपी ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-दो से 25 हजार के इनामी योगेश भदौड़ा गैंग के शॉर्प शूटर सन्नी पुत्र ओमवीर सिंह निवासी भलसौना, सरधना को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद किए गए हैं। सन्नी ने तीन दिन पूर्व लखनऊ में तैनात महिला दरोगा गौरव कुमारी के भाई अंकित का गोलियों से भूनकर एलानिया कत्ल किया था, जिसके बाद से सरधना पुलिस इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद सीओ सरधना पंकज सिंह ने भी जीआरपी थाने पहुंचकर शूटर से घंटों पूछताछ की।
मुजफ्फरनगर जीआरपी ने मंगलवार सुबह करीब दस बजे मुसाफिरों की सूचना पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो पर दबिश देकर वहां बैठे संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से तमंचा-कारतूस बरामद किया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सन्नी पुत्र ओमवीर सिंह निवासी भलसौना, सरधना बताया। जीआरपी ने इस संबंध में सरधना पुलिस की जानकारी दी। सन्नी की गिरफ्तारी की सूचना पर सरधना सीओ पंकज सिंह ने भी जीआरपी थाने पहुंचकर शॉर्प शूटर सन्नी से घंटों पूछताछ की।
महिला दरोगा के भाई का किया था एलानिया कत्ल
मुजफ्फरनगर। एसओ जीआरपी एमके कर्दम ने बताया कि सन्नी कुख्यात योगेश भदौड़ा गैंग का शॉर्प शूटर है। उसकी कुछ दिन पूर्व सरधना के भलसौना गांव में अपने मामा जोगेंद्र के यहां आए अंकित से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। अंकित लखनऊ में तैनात महिला दरोगा गौरव कुमारी का भाई था, जो कुछ दिन पूर्व ही अपने मामा जोंगेंद्र के यहां भलसौना गांव में आया था।
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कहासुनी के बाद सन्नी ने अंकित की हत्या करने का खुलेआम एलान किया था। विगत 12 अप्रैल को एलान के अनुसार, अंकित को घर से बुलाने के बाद पांच गोलियां मारी गईं थीं। इसके बाद से सन्नी फरार था, जिस पर आईजी मेरठ जोन ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। अंकित गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर का निवासी था, जो मामा के यहां भलसौना में आया हुआ था।
पांच साल पूर्व मेरठ कचहरी में की थी कस्टडी में हत्या
मुजफ्फरनगर। 25 हजार के इनामी सन्नी ने इससे पहले वर्ष 2014 में मेरठ कचहरी में कुख्यात उधम करनावल गैंग के शॉर्प शूटर नितिन गंजा की भी पुलिस कस्टडी में उस समय हत्या कर दी थी, जब उसे जेल से सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था।
इनामी शॉर्प शूटर की गिरफ्तारी में सेटिंग का खेल
मुजफ्फरनगर। योगेश भदौड़ा गैंग का शॉर्प शूटर सन्नी महिला दरोगा के भाई की एलानिया हत्या करने के बाद मेरठ पुलिस के निशाने पर आ गया था। सरधना इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि सोमवार को उन्हें सन्नी के मुजफ्फरनगर में होने और सरेंडर करने के प्रयास की गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर सरधना व मेरठ पुलिस की कई टीमें मुजफ्फरनगर में आ गई थीं और दिनभर कचहरी परिसर रेलवे स्टेशन व तमाम स्थानों पर सन्नी की तलाश की जाती रही, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
मेरठ के सरधना क्षेत्र में 12 अप्रैल को महिला दरोगा के भाई के एलानिया कत्ल के बाद से ही मेरठ पुलिस सन्नी की तलाश में थी, जिसके चलते उसे अपने एनकाउंटर का खतरा सता रहा था। सूत्रों के अनुसार एनकाउंटर के डर से ही इनामी शॉर्प शूटर सन्नी सेटिंग के खेल से जीआरपी के जरिये गिरफ्तार हुआ है। मेरठ पुलिस की तमाम घेराबंदी के बावजूद रेलवे स्टेशन से बेहद आसानी से हुई उसकी गिरफ्तारी चर्चाओं के घेरे में है। इस संबंध में एसओ जीआरपी एमआर कर्दम ने बताया कि सेटिंग में गिरफ्तारी का आरोप निराधार है। उसे प्लेटफार्म-दो से मुसाफिरों की सूचना पर चार पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तार किया है।
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मुजफ्फरनगर जीआरपी ने मंगलवार सुबह करीब दस बजे मुसाफिरों की सूचना पर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो पर दबिश देकर वहां बैठे संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से तमंचा-कारतूस बरामद किया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सन्नी पुत्र ओमवीर सिंह निवासी भलसौना, सरधना बताया। जीआरपी ने इस संबंध में सरधना पुलिस की जानकारी दी। सन्नी की गिरफ्तारी की सूचना पर सरधना सीओ पंकज सिंह ने भी जीआरपी थाने पहुंचकर शॉर्प शूटर सन्नी से घंटों पूछताछ की।
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महिला दरोगा के भाई का किया था एलानिया कत्ल
मुजफ्फरनगर। एसओ जीआरपी एमके कर्दम ने बताया कि सन्नी कुख्यात योगेश भदौड़ा गैंग का शॉर्प शूटर है। उसकी कुछ दिन पूर्व सरधना के भलसौना गांव में अपने मामा जोगेंद्र के यहां आए अंकित से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। अंकित लखनऊ में तैनात महिला दरोगा गौरव कुमारी का भाई था, जो कुछ दिन पूर्व ही अपने मामा जोंगेंद्र के यहां भलसौना गांव में आया था।
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कहासुनी के बाद सन्नी ने अंकित की हत्या करने का खुलेआम एलान किया था। विगत 12 अप्रैल को एलान के अनुसार, अंकित को घर से बुलाने के बाद पांच गोलियां मारी गईं थीं। इसके बाद से सन्नी फरार था, जिस पर आईजी मेरठ जोन ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। अंकित गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर का निवासी था, जो मामा के यहां भलसौना में आया हुआ था।
पांच साल पूर्व मेरठ कचहरी में की थी कस्टडी में हत्या
मुजफ्फरनगर। 25 हजार के इनामी सन्नी ने इससे पहले वर्ष 2014 में मेरठ कचहरी में कुख्यात उधम करनावल गैंग के शॉर्प शूटर नितिन गंजा की भी पुलिस कस्टडी में उस समय हत्या कर दी थी, जब उसे जेल से सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी पर ले जाया जा रहा था।
इनामी शॉर्प शूटर की गिरफ्तारी में सेटिंग का खेल
मुजफ्फरनगर। योगेश भदौड़ा गैंग का शॉर्प शूटर सन्नी महिला दरोगा के भाई की एलानिया हत्या करने के बाद मेरठ पुलिस के निशाने पर आ गया था। सरधना इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि सोमवार को उन्हें सन्नी के मुजफ्फरनगर में होने और सरेंडर करने के प्रयास की गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर सरधना व मेरठ पुलिस की कई टीमें मुजफ्फरनगर में आ गई थीं और दिनभर कचहरी परिसर रेलवे स्टेशन व तमाम स्थानों पर सन्नी की तलाश की जाती रही, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
मेरठ के सरधना क्षेत्र में 12 अप्रैल को महिला दरोगा के भाई के एलानिया कत्ल के बाद से ही मेरठ पुलिस सन्नी की तलाश में थी, जिसके चलते उसे अपने एनकाउंटर का खतरा सता रहा था। सूत्रों के अनुसार एनकाउंटर के डर से ही इनामी शॉर्प शूटर सन्नी सेटिंग के खेल से जीआरपी के जरिये गिरफ्तार हुआ है। मेरठ पुलिस की तमाम घेराबंदी के बावजूद रेलवे स्टेशन से बेहद आसानी से हुई उसकी गिरफ्तारी चर्चाओं के घेरे में है। इस संबंध में एसओ जीआरपी एमआर कर्दम ने बताया कि सेटिंग में गिरफ्तारी का आरोप निराधार है। उसे प्लेटफार्म-दो से मुसाफिरों की सूचना पर चार पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तार किया है।