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कॉमनवेल्थ गेम में कांस्य पदक जीतकर लौटीं दिव्या का स्वागत
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:33 AM IST
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दिव्या काकरान का स्वागत करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
ऑस्ट्रेलिया से कॉमनवेल्थ गेम में कांस्य पदक जीतकर अपने गांव पुरबालियान लौटीं महिला पहलवान दिव्या काकरान का भव्य स्वागत किया गया। बेटी की कामयाबी पर ग्रामीणों ने आतिशबाजी करते हुए ढोल नगाड़ों के साथ फूल मालाओं से उसका स्वागत किया।
महिला पहलवान दिव्या काकरान ने बताया कि वह गांव में सम्मान पाकर बहुत खुश है। उसकी कामयाबी में उसके दादा का योगदान है। दिव्या ने कहा कि जुलाई में नई दिल्ली में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही हूं। उसका अगला टारगेट एशियन चैंपियनशिप जीतना है।
महिला पहलवान दिव्या काकरान का सर्वप्रथम मंसूरपुर शुगर मिल परिसर में ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने दिव्या को बुके देकर सम्मानित किया। यहां पर महिलाओं व अन्य ग्रामीणों ने नगद राशि भी देकर दिव्या काकरान को सम्मानित किया।
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इस अवसर पर घनश्याम प्रधान, भूपेंद्र प्रधान, संजय पंवार, ब्रजराज, विनय कुमार, सोम प्रकाश आदि ने स्वागत किया। पैतृक गांव पुरबालियान पहुंचने पर दिव्या काकरान का आतिशबाजी तथा ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। दिव्या को खुली जीप में गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए शिव मंदिर तक ले जाया गया।
पूरे रास्ते में महिलाओं व बच्चों ने फूलों की वर्षा कर दिव्या का स्वागत किया। शिव मंदिर में पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल मालाओं व गुलदस्तों से स्वागत किया। उधर, भाकियू नेता नीरज पहलवान ने पांच किलो देसी घी देकर दिव्या काकरान का स्वागत किया। स्वागत समारोह में संदीप बालियान, राजवीर सिंह, दीपक कुमार, सूरजवीर, राजेंद्र सिंह, सुमन बालियान, सतबीर सिंह, भोपाल सिंह, विक्रम सिंह, मुखिया आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
सम्मान पाकर गदगद हुई बेटी
महिला पहलवान दिव्या ने कहा कि वह गांव में इतना सम्मान पाकर बहुत खुश हूं। उसने कहा कि उसकी कामयाबी में उसके दादा राजेंद्र का विशेष योगदान है। दादा जी प्रारंभ से ही उसे कुश्ती के प्रति प्रोत्साहित करते रहे हैं।
पिता सूरजवीर ने तंगी के हालात में भी उसे प्रेरित कर इस मुकाम तक पहुंचाया। दिव्या ने बताया कि जुलाई महीने में नई दिल्ली में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही है, उसका अगला टारगेट एशियन चैंपियनशिप जीतना है।
बच्चियों का शोषण करने वालों को फांसी हो
महिला पहलवान दिव्या ने बातचीत के दौरान कहा कि लड़कियों का शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। पहलवान दिव्या ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष तक की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा किए जाने वाले प्रावधान का समर्थन किया है।
लड़क़ा व लड़क़ी में भेदभाव न करें
महिला खिलाड़ी दिव्या ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शराब तथा अन्य नशाखोरी छोडक़र बच्चों को शिक्षित करें। लड़के लड़की में भेदभाव बिल्कुल न करें। यदि लड़कियों को अवसर दिया जाए तो लड़कियां भी बुलंदियों को छू सकती हैं। मैं आपकी बेटी उसका एक उदाहरण हूं।
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महिला पहलवान दिव्या काकरान ने बताया कि वह गांव में सम्मान पाकर बहुत खुश है। उसकी कामयाबी में उसके दादा का योगदान है। दिव्या ने कहा कि जुलाई में नई दिल्ली में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही हूं। उसका अगला टारगेट एशियन चैंपियनशिप जीतना है।
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महिला पहलवान दिव्या काकरान का सर्वप्रथम मंसूरपुर शुगर मिल परिसर में ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। शुगर मिल के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार दीक्षित ने दिव्या को बुके देकर सम्मानित किया। यहां पर महिलाओं व अन्य ग्रामीणों ने नगद राशि भी देकर दिव्या काकरान को सम्मानित किया।
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इस अवसर पर घनश्याम प्रधान, भूपेंद्र प्रधान, संजय पंवार, ब्रजराज, विनय कुमार, सोम प्रकाश आदि ने स्वागत किया। पैतृक गांव पुरबालियान पहुंचने पर दिव्या काकरान का आतिशबाजी तथा ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। दिव्या को खुली जीप में गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए शिव मंदिर तक ले जाया गया।
पूरे रास्ते में महिलाओं व बच्चों ने फूलों की वर्षा कर दिव्या का स्वागत किया। शिव मंदिर में पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल मालाओं व गुलदस्तों से स्वागत किया। उधर, भाकियू नेता नीरज पहलवान ने पांच किलो देसी घी देकर दिव्या काकरान का स्वागत किया। स्वागत समारोह में संदीप बालियान, राजवीर सिंह, दीपक कुमार, सूरजवीर, राजेंद्र सिंह, सुमन बालियान, सतबीर सिंह, भोपाल सिंह, विक्रम सिंह, मुखिया आदि ग्रामीण उपस्थित थे।
सम्मान पाकर गदगद हुई बेटी
महिला पहलवान दिव्या ने कहा कि वह गांव में इतना सम्मान पाकर बहुत खुश हूं। उसने कहा कि उसकी कामयाबी में उसके दादा राजेंद्र का विशेष योगदान है। दादा जी प्रारंभ से ही उसे कुश्ती के प्रति प्रोत्साहित करते रहे हैं।
पिता सूरजवीर ने तंगी के हालात में भी उसे प्रेरित कर इस मुकाम तक पहुंचाया। दिव्या ने बताया कि जुलाई महीने में नई दिल्ली में होने वाली जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही है, उसका अगला टारगेट एशियन चैंपियनशिप जीतना है।
बच्चियों का शोषण करने वालों को फांसी हो
महिला पहलवान दिव्या ने बातचीत के दौरान कहा कि लड़कियों का शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। पहलवान दिव्या ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष तक की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा किए जाने वाले प्रावधान का समर्थन किया है।
लड़क़ा व लड़क़ी में भेदभाव न करें
महिला खिलाड़ी दिव्या ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शराब तथा अन्य नशाखोरी छोडक़र बच्चों को शिक्षित करें। लड़के लड़की में भेदभाव बिल्कुल न करें। यदि लड़कियों को अवसर दिया जाए तो लड़कियां भी बुलंदियों को छू सकती हैं। मैं आपकी बेटी उसका एक उदाहरण हूं।