खतौली। योग शिक्षिका अंजू विश्वकर्मा ने बताया कि योग आध्यात्मिक जीवन का विज्ञान है। जिसका प्रयोग करने से जीवन कई गुणों, विशेषताओं, कलाओं और शक्तियों से संपन्न बन जाता है। इसके अभ्यास से कार्य क्षमता में वृद्धि होती है।
कस्बे के बुढ़ाना रोड स्थित शिशु शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में रविवार सुबह योग कक्षा का आयोजन किया गया। अंजू विश्वकर्मा ने बताया कि योग जीवन जीने की कला अर्थात तन और मन का संतुलन है। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और व्यायाम की आवश्यकता है। आज डॉक्टर भी मानते हैं कि शरीर को होने वाले 90 प्रतिशत बीमारियों का कारण मन है। नकारात्मक विचार, निराशा, चिंता, हताशा और भय, ईर्ष्या आदि से हमारा पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। योग के द्वारा हमें चिंता और तनाव से मुक्ति मिलती है। योगाभ्यास से मानसिक रोगों पर भी विजय मिलती है। मौके पर प्रधानाचार्य कांता स्वरूप सिंघल, सोनिया गुप्ता, चिराग सिंघल सहित अन्य कॉलेज स्टाफ का सहयोग रहा।