फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Women opened the door of happiness with sugarcane plant

गन्ने की पौध से महिलाओं ने खोला खुशहाली का दरवाजा

Mon, 02 May 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Women opened the door of happiness with sugarcane plant
मन्सूरपुर में गन्ने की पौध तैयार करती समूह की महिलाएं। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। जिले के ग्रामीण अंचल की महिलाएं गन्ने की पौध से आर्थिक प्रगति की ओर कदम बढा रही है। गन्ना विभाग के सहयोग से 172 समूहों से 3632 महिलाएं जुड़ी है। इन महिलाओं ने गन्ने की पौध से एक वर्ष में 1,28, 82,950 रुपये की शुद्ध कमाई की है।
विज्ञापन

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी की गन्ने की पौध तैयार करने में महिलाओं के सहयोग की सोच ग्रामीण महिला उत्थान में कारगर साबित हो रही है। जिले में इस समय गन्ने की पौध तैयार करने में 172 स्वयं सहायता समूह लगे हैं। इन समूहों में 3632 महिलाएं जुड़ी हैं। वर्ष 2021-21 में इन महिला समूहों ने सिंगल बड के रूप में 78, 02,763 पौध तैयार की। बड चिप के रूप में 26,79,336 पौधे तैयार किए। जिले में कुल 10,48,210 पौधे तैयार हुए। एक से डेढ़ माह में पौध तैयार हो जाती है। इसके बाद इन पौधों को गन्ना विभाग और चीनी मिलों के माध्यम से किसानों को बेच दिया जाता है। पौध पर होने वाले खर्च का आधा पैसा गन्ना विभाग अनुदान के रूप में देता है। आधा पैसा पौध खरीदने वाले किसान से लिया जाता है। जिले के महिला समूहों ने इस सत्र में एक 1,28, 82, 950 की शुद्ध आय की है। जिले में पहली बार किसी योजना से इतनी महिलाएं एक साथ जुड़ी है और सीधे लाभ कमाया है।
विज्ञापन

316 हेक्टेयर में लगी पौध
महिला समूहों ने गन्ने की जो पौध तैयार की है वह जनपद के किसानों ने 316 हेक्टेयर में लगाई है। ऐसे हालात में अगर 0238 प्रजाति पूरी तरह बीमारी की चपेट में आ जाती है तो भी गन्ने की फसल प्रभावित नहीं होगी। नई प्रजातियों का बीच किसान को अच्छी मात्रा में उपलब्ध हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक पौधे पर आता है 2.60 रुपये का खर्च
गन्ने की पौध तैयार करने में महिला समूह का एक सिंगल बड पर दो रुपये 60 पैसे का खर्च आता है। इस खर्च में एक रुपया 30 पैसा गन्ना विभाग और एक रुपया 30 पैसा पौधे की खरीद करने वाला किसान देता है। इसी तरह एक बड चिप पर महिला समूह का औषत खर्च तीन रुपये 40 पैसे है। एक रुपया 70 पैसा गन्ना विभाग अनुदान और एक रुपया 70 पैसा खरीदारी करने वाला किसान देता है।

किसान के लिए अधिक हितकारी है तैयार पौध
जिला गन्ना अधिकारी डॉ आरडी द्विवेदी का कहना है कि गन्ने की पौध किसान के लिए अधिक हितकारी है। हमारे जिले में गेहूं काटकर किसान गन्ना लगाता है तो उसे डेढ माह की तैयार पौध मिल जाती है। दूसरे यह पौध शोधित होती है बीमारी फैलने का कोई खतरा नहीं है। प्रदेश में जिस तरह 0238 बीमारी की चपेट में आ रहा है, ऐसी परिस्थित में गन्ने की नई प्रजातियों से तैयार यह पौध गन्ने की फसल को बचाने में बड़ी सहायक सिद्ध हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed