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महिला ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
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महिला ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। तहसीलदार के रोक के आदेश के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री हो गई। पीड़ित महिला ने शिकायती पत्र जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पंजाब के जिला लुधियाना के थाना समराला क्षेत्र के गांव गहलेवाल निवासी महिला परमजीत कौर ने जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि उसके ससुर अजायब सिंह, निवासी भोपा क्षेत्र के गांव जटमुझेड़ा के तीन पुत्र बलविंद्र सिंह, जगमोहन सिंह और जगपाल सिंह थे। इनमें से उसके पति जगमोहन की मौत हो चुकी है। उसके ससुर अजायब सिंह की कृषि भूमि गांव नंगला बुजुर्ग में स्थित है। महिला का कहना है कि उसके ससुर ने उसके मृतक पति के नाम कोई जमीन का बैनामा न करके सिर्फ अकेले एक पुत्र जगपाल सिंह के हक में सन 2018 में जमीन का बैनामा कर दिया था। इसके विरोध में महिला परमजीत कौर ने वकील के माध्यम से तहसीलदार न्यायालय में उक्त भूमि पर क्रय विक्रय पर रोक लगाने के लिए इसी माह पांच अक्टूबर को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर तहसीलदार ने सुनवाई करते हुए उक्त भूमि पर क्रय विक्रय पर रोक लगाने का आदेश कर दिया था। तहसीलदार के यह आदेश खतौनी में अंकित हो चुका था। आरोप है महिला के देवर जगपाल सिंह व उसकी पत्नी ने उक्त क्रय विक्रय रोक की भूमि का बैनामा किसी दूसरे व्यक्ति के नाम 13 अक्तूबर को तहसील में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री करा दिया। पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इस संबंध में तहसीलदार अभयराम पांडेय का कहना है कि उनको इस तरह के बैनामा हो जाने की कोई जानकारी नहीं है।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। तहसीलदार के रोक के आदेश के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री हो गई। पीड़ित महिला ने शिकायती पत्र जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पंजाब के जिला लुधियाना के थाना समराला क्षेत्र के गांव गहलेवाल निवासी महिला परमजीत कौर ने जिलाधिकारी को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया कि उसके ससुर अजायब सिंह, निवासी भोपा क्षेत्र के गांव जटमुझेड़ा के तीन पुत्र बलविंद्र सिंह, जगमोहन सिंह और जगपाल सिंह थे। इनमें से उसके पति जगमोहन की मौत हो चुकी है। उसके ससुर अजायब सिंह की कृषि भूमि गांव नंगला बुजुर्ग में स्थित है। महिला का कहना है कि उसके ससुर ने उसके मृतक पति के नाम कोई जमीन का बैनामा न करके सिर्फ अकेले एक पुत्र जगपाल सिंह के हक में सन 2018 में जमीन का बैनामा कर दिया था। इसके विरोध में महिला परमजीत कौर ने वकील के माध्यम से तहसीलदार न्यायालय में उक्त भूमि पर क्रय विक्रय पर रोक लगाने के लिए इसी माह पांच अक्टूबर को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर तहसीलदार ने सुनवाई करते हुए उक्त भूमि पर क्रय विक्रय पर रोक लगाने का आदेश कर दिया था। तहसीलदार के यह आदेश खतौनी में अंकित हो चुका था। आरोप है महिला के देवर जगपाल सिंह व उसकी पत्नी ने उक्त क्रय विक्रय रोक की भूमि का बैनामा किसी दूसरे व्यक्ति के नाम 13 अक्तूबर को तहसील में सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री करा दिया। पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इस संबंध में तहसीलदार अभयराम पांडेय का कहना है कि उनको इस तरह के बैनामा हो जाने की कोई जानकारी नहीं है।
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