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राम मंदिर को राष्ट्र मंदिर का रूप देंगे: दिनेशचंद्र
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मुजफ्फरनगर नई मंडी में पत्रकारों से वार्ता करते विहिप के केंद्रीय संरक्षक दिनेशचंद्र।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संरक्षक दिनेशचंद्र ने कहा कि राम मंदिर को राष्ट्र मंदिर का रूप दिया जाएगा। मंदिर निर्माण में प्रत्येक जाति, संप्रदाय, धर्म के लोगों का सहयोग लिया जाएगा। देश के लाखों गांवों में विहिप कार्यकर्ता 11 करोड़ परिवारों से सीधे संपर्क करेंगे। यह अभियान 15 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा।
नई मंडी में विहिप के विभाग अध्यक्ष ललित महेश्वरी के आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक में दिनेशचंद्र ने कहा कि हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अयोध्या में बन रहा है। मकर संक्रांति से 27 फरवरी तक धन संग्रह समिति घर-घर और गांव-गांव जाकर मंदिर निर्माण के लिए पैसा एकत्र करेगी। छोटा-बड़ा, गरीब-अमीर, पक्ष-विपक्ष, सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग लिया जाएगा। भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण राष्ट्र मंदिर के रूप में होगा। देश के 11 करोड़ परिवारों को श्रीराम जन्म भूमि से सीधे जोड़कर रामत्व का प्रसार करेंगे।
मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा, केंद्रीय मंत्री हरिशंकर, प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र, प्रांत सम्पर्क प्रमुख राधेश्याम विश्वकर्मा, पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, जिले की धन संग्रह समिति के अध्यक्ष कुशपुरी, ठाकुर भूपेंद्र सिंह, डॉ चंद्र मोहन शर्मा, ब्रजेश कुमार, अजय गुप्ता, मोहित बंसल आदि मौजूद रहे।
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कश्मीर से कन्या कुमारी तक सबको जोडे़ंगे
दिनेश चंद्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में कश्मीर से कन्या कुमारी तक, अटक से कटक तक देश का कोई कोना नहीं छोड़ेंगे। अंडमान निकोबार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश तथा कच्छ के रण से पर्वतीय क्षेत्रों तक संपूर्ण भारत में विहिप कार्यकर्ता पहुंचकर श्रीराम मंदिर का साहित्य देंगे तथा उनका सहयोग लेंगे। इस कार्य में हिंदू संगठन पूर्ण रूप से सहभागी बने हैं। दस, 100 और एक हजार की राशि कूपन से ली जाएगी। करोड़ों घरों में भगवान राम का चित्र भी पहुंचाएंगे।
नई पीढ़ी को बताएंगे राम मंदिर का इतिहास
दिनेश चंद्र ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि देश की नई पीढ़ी को राम मंदिर के इतिहास की सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। 500 वर्ष लड़ाई लड़ी गई, हजारों लोग मंदिर आंदोलन में शहीद हुए तब जाकर यह दिन देखने को मिला। देश की कम से कम आधी जनसंख्या को घर-घर जाकर श्रीराम जन्म भूमि की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराया जाएगा।
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नई मंडी में विहिप के विभाग अध्यक्ष ललित महेश्वरी के आवास पर कार्यकर्ताओं की बैठक में दिनेशचंद्र ने कहा कि हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अयोध्या में बन रहा है। मकर संक्रांति से 27 फरवरी तक धन संग्रह समिति घर-घर और गांव-गांव जाकर मंदिर निर्माण के लिए पैसा एकत्र करेगी। छोटा-बड़ा, गरीब-अमीर, पक्ष-विपक्ष, सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के लोगों से मंदिर निर्माण में सहयोग लिया जाएगा। भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण राष्ट्र मंदिर के रूप में होगा। देश के 11 करोड़ परिवारों को श्रीराम जन्म भूमि से सीधे जोड़कर रामत्व का प्रसार करेंगे।
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मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज वर्मा, केंद्रीय मंत्री हरिशंकर, प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र, प्रांत सम्पर्क प्रमुख राधेश्याम विश्वकर्मा, पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, जिले की धन संग्रह समिति के अध्यक्ष कुशपुरी, ठाकुर भूपेंद्र सिंह, डॉ चंद्र मोहन शर्मा, ब्रजेश कुमार, अजय गुप्ता, मोहित बंसल आदि मौजूद रहे।
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कश्मीर से कन्या कुमारी तक सबको जोडे़ंगे
दिनेश चंद्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में कश्मीर से कन्या कुमारी तक, अटक से कटक तक देश का कोई कोना नहीं छोड़ेंगे। अंडमान निकोबार, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश तथा कच्छ के रण से पर्वतीय क्षेत्रों तक संपूर्ण भारत में विहिप कार्यकर्ता पहुंचकर श्रीराम मंदिर का साहित्य देंगे तथा उनका सहयोग लेंगे। इस कार्य में हिंदू संगठन पूर्ण रूप से सहभागी बने हैं। दस, 100 और एक हजार की राशि कूपन से ली जाएगी। करोड़ों घरों में भगवान राम का चित्र भी पहुंचाएंगे।
नई पीढ़ी को बताएंगे राम मंदिर का इतिहास
दिनेश चंद्र ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि देश की नई पीढ़ी को राम मंदिर के इतिहास की सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। 500 वर्ष लड़ाई लड़ी गई, हजारों लोग मंदिर आंदोलन में शहीद हुए तब जाकर यह दिन देखने को मिला। देश की कम से कम आधी जनसंख्या को घर-घर जाकर श्रीराम जन्म भूमि की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराया जाएगा।