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शादी में किसे बुलाएं, किसे छोड़े? तय करना हुआ मुश्किल
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देवोत्थान एकादशी पर शादी के लिए तैयार बैँक्वेट हाल।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
शादी में किसे बुलाएं, किसे छोड़ें? तय करना हुआ मुश्किल
मुजफ्फरनगर। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शासन से जारी नए दिशा-निर्देशों ने विवाह समारोह की रंगत में खलल डाल दिया है। विवाह वाले घरों में अपने बेटे और बेटियों की धूमधाम से शादी करने की खुशियों पर मायूसी का ग्रहण लग गया है। 25 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। इस दिन से ही शादी का सीजन शुरू हो रहा है। इस दिन बड़ी संख्या में शादी होनी है। इसके बाद लगातार शादियां हैं। कार्ड बंट चुके हैं। अब शासन ने 100 लोगों को ही शामिल करने की गाइड लाइन जारी कर दी है। शादी वाले घरों में ऊहापोह की स्थिति है कि जिन लोगों को कार्ड दे चुके हैं, उन्हें आने से कैसे मना करें।
कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूबे को योगी सरकार ने किसी भी समारोह में एक सौ लोगों की सीमा तय कर दी है। आठ महीने से कोविड की मार झेल रहे हलवाई, कैटरिंग कारीगर, बेरोजगारी का दंश झेलने वालों के लिए सीएम का आदेश जोर का झटका है। लोग अरसे से इस सीजन की प्रतीक्षा कर रहे थे। बेटी और बेटे वालों ने शादी के धूमधड़ाके के लिए शानदार तैयारियां की थी। इस बार 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक शादियों का सीजन है। शहर में सौ से ज्यादा बैंक्वट हॉल पहलेेेे से ही 25 नवंबर को बुक हैं। अब शादी में 100 लोगों की बाध्यता से आयोजक के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।
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केस नंबर-1
-जाट कॉलोनी निवासी राजेंद्र चौधरी की बेटी स्वाति की शादी 30 नवंबर को होनी तय है। निमंत्रण पत्र बांट दिए गए हैं। न्योते के बाद अब असमंजस में है कि किसे मना करें, किसे बुलाए? उनका कहना है कि सरकार को यह आदेश पहले जारी करना चाहिए था।
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केस नंबर-2
-खतौली के गणेशुपुरी निवासी पवन की बेटी की बरात शामली से 25 नवंबर को आनी है। बैंक्वट हॉल बुक है। कार्ड बंट गए हैं। अब शासन की गाइडलाइन का पालन कराने में सम्मान को ठेस पहुंचेगी।
सीएम का आदेश खुशियों में खलल डालने वाला
जिला बैंक्वट हॉल एसोसिएशन के महामंत्री पंकज जैन कहते हैं कि सरकार का यह आदेश लोगों की खुशियों में खलल डालने वाला है। जिनकी बुकिंग हो चुकी है और कार्ड बंट चुके हैं, वह लोग शादी तो करेंगे, लेकिन उत्साह और जोश नहीं हो गया। आयोजक ऊहापोह में हैं। फोन कर रहे ंहै। उनका कहना है कोराना जितना एक पखवाडे़ पहले था, उतना ही अब है। सरकार को पहले वैधानिक चेतावनी देनी चाहिए थी।
फिर कारोबार पटरी से उतरेगा
आशीर्वाद और दर्पण बैंक्वट हॉल के संचालक राकेश कंसल कहते हैैं कि महीनों से लोगों ने शादी के लिए मन बनाकर खुशियां बाटने की तैयारी की है। व्यापार पटरी पर लौटना शुरू हुआ था। नए आदेश के बाद लोगों में अनिश्चय की स्थिति बन गई है। हलवाई, टेंट लगाने वाले कारीगर, बैंड बाजा वालों में आजीविका चलाने के लिए पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं।
खाने का मेन्यू कम करने से आर्थिक नुकसान होगा
--अर्पण बैंक्वट हॉल के स्वामी अतुल जैन का कहना है 25 नवंबर की बुकिंग है। पहले खाने की ज्यादा तैयारी थी। अब 100 लोगों की बाध्यता से खाने का मेन्यू कम करने से आर्थिक नुकसान होगा।
समारोह की मंजूरी को पहुंच रहे मुख्यालय
शादी अथवा किसी भी समारोह के लिए प्रशासन से अनुमति लेने के लिए आयोजकों को मशक्कत करनी शुरू कर दी है। एसडीएम सदर दीपक कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने सोमवार को दर्जनों लोगों को कोविड़ गाइडलाइन का पालन कराने की हिदायत देते हुए 100 लोगों को मंजूरी प्रदान की है।
वर्जन
- शासन के आदेश का पालन कराया जाएगा। एक सौ से अधिक व्यक्तियों के अलावा किसी को समारोह में एकत्र नहीं होने दिया जाएगा। कोविड की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पुलिस की निगरानी में समारोह होंगे। संबंधित थानों में कार्यक्रम की सूचना देना अनिवार्य है। इसके बावजूद शासन से जो गाइडलाइन आएगी, उसका पालन कराया जाएगा।
सेल्वा कुमारी जे
जिलाधिकारी
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मुजफ्फरनगर। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते शासन से जारी नए दिशा-निर्देशों ने विवाह समारोह की रंगत में खलल डाल दिया है। विवाह वाले घरों में अपने बेटे और बेटियों की धूमधाम से शादी करने की खुशियों पर मायूसी का ग्रहण लग गया है। 25 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। इस दिन से ही शादी का सीजन शुरू हो रहा है। इस दिन बड़ी संख्या में शादी होनी है। इसके बाद लगातार शादियां हैं। कार्ड बंट चुके हैं। अब शासन ने 100 लोगों को ही शामिल करने की गाइड लाइन जारी कर दी है। शादी वाले घरों में ऊहापोह की स्थिति है कि जिन लोगों को कार्ड दे चुके हैं, उन्हें आने से कैसे मना करें।
कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूबे को योगी सरकार ने किसी भी समारोह में एक सौ लोगों की सीमा तय कर दी है। आठ महीने से कोविड की मार झेल रहे हलवाई, कैटरिंग कारीगर, बेरोजगारी का दंश झेलने वालों के लिए सीएम का आदेश जोर का झटका है। लोग अरसे से इस सीजन की प्रतीक्षा कर रहे थे। बेटी और बेटे वालों ने शादी के धूमधड़ाके के लिए शानदार तैयारियां की थी। इस बार 25 नवंबर से 11 दिसंबर तक शादियों का सीजन है। शहर में सौ से ज्यादा बैंक्वट हॉल पहलेेेे से ही 25 नवंबर को बुक हैं। अब शादी में 100 लोगों की बाध्यता से आयोजक के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।
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केस नंबर-1
-जाट कॉलोनी निवासी राजेंद्र चौधरी की बेटी स्वाति की शादी 30 नवंबर को होनी तय है। निमंत्रण पत्र बांट दिए गए हैं। न्योते के बाद अब असमंजस में है कि किसे मना करें, किसे बुलाए? उनका कहना है कि सरकार को यह आदेश पहले जारी करना चाहिए था।
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केस नंबर-2
-खतौली के गणेशुपुरी निवासी पवन की बेटी की बरात शामली से 25 नवंबर को आनी है। बैंक्वट हॉल बुक है। कार्ड बंट गए हैं। अब शासन की गाइडलाइन का पालन कराने में सम्मान को ठेस पहुंचेगी।
सीएम का आदेश खुशियों में खलल डालने वाला
जिला बैंक्वट हॉल एसोसिएशन के महामंत्री पंकज जैन कहते हैं कि सरकार का यह आदेश लोगों की खुशियों में खलल डालने वाला है। जिनकी बुकिंग हो चुकी है और कार्ड बंट चुके हैं, वह लोग शादी तो करेंगे, लेकिन उत्साह और जोश नहीं हो गया। आयोजक ऊहापोह में हैं। फोन कर रहे ंहै। उनका कहना है कोराना जितना एक पखवाडे़ पहले था, उतना ही अब है। सरकार को पहले वैधानिक चेतावनी देनी चाहिए थी।
फिर कारोबार पटरी से उतरेगा
आशीर्वाद और दर्पण बैंक्वट हॉल के संचालक राकेश कंसल कहते हैैं कि महीनों से लोगों ने शादी के लिए मन बनाकर खुशियां बाटने की तैयारी की है। व्यापार पटरी पर लौटना शुरू हुआ था। नए आदेश के बाद लोगों में अनिश्चय की स्थिति बन गई है। हलवाई, टेंट लगाने वाले कारीगर, बैंड बाजा वालों में आजीविका चलाने के लिए पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं।
खाने का मेन्यू कम करने से आर्थिक नुकसान होगा
--अर्पण बैंक्वट हॉल के स्वामी अतुल जैन का कहना है 25 नवंबर की बुकिंग है। पहले खाने की ज्यादा तैयारी थी। अब 100 लोगों की बाध्यता से खाने का मेन्यू कम करने से आर्थिक नुकसान होगा।
समारोह की मंजूरी को पहुंच रहे मुख्यालय
शादी अथवा किसी भी समारोह के लिए प्रशासन से अनुमति लेने के लिए आयोजकों को मशक्कत करनी शुरू कर दी है। एसडीएम सदर दीपक कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने सोमवार को दर्जनों लोगों को कोविड़ गाइडलाइन का पालन कराने की हिदायत देते हुए 100 लोगों को मंजूरी प्रदान की है।
वर्जन
- शासन के आदेश का पालन कराया जाएगा। एक सौ से अधिक व्यक्तियों के अलावा किसी को समारोह में एकत्र नहीं होने दिया जाएगा। कोविड की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पुलिस की निगरानी में समारोह होंगे। संबंधित थानों में कार्यक्रम की सूचना देना अनिवार्य है। इसके बावजूद शासन से जो गाइडलाइन आएगी, उसका पालन कराया जाएगा।
सेल्वा कुमारी जे
जिलाधिकारी