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आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह का शुभारंभ
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह का शुभारंभ
मुजफ्फरनगर। कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जनपद के सभी 2274 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह का शुभारंभ हुुआ। यह सप्ताह 24 जून तक चलेगा। वजन सप्ताह के दौरान वजन व लंबाई, ऊंचाई मापते हुए सभी जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण श्रेणी के अनुसार एकत्र की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने बताया कि पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए बृहस्पतिवार से 2274 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह शुरू किया गया। कुपोषण से ग्रसित बच्चों में बाल्यावस्था की बीमारियां एवं उनसे होने वाली मृत्यु का खतरा अधिक बढ़ जाता है। कुपोषण की सबसे गंभीर श्रेणी में सैम (अतिकुपोषित), मैम (कुपोषित) व गंभीर अल्प वजन के बच्चे आते हैं। कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए 24 जून तक जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए वजन सप्ताह शुरू हुआ है। इस दौरान वजन व लंबाई लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पांच वर्ष के बच्चों की सूचना पोषण श्रेणी के अनुसार एकत्र की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांग बच्चों को भी चिह्नित किया जा रहा है। यदि किसी बच्चे का वजन उसकी आयु के मानक से कम होता है तो उसके स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति ज्यादा खराब होने पर उन्हें जिला मुख्यालय पर बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाता है।
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मुजफ्फरनगर। कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जनपद के सभी 2274 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह का शुभारंभ हुुआ। यह सप्ताह 24 जून तक चलेगा। वजन सप्ताह के दौरान वजन व लंबाई, ऊंचाई मापते हुए सभी जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण श्रेणी के अनुसार एकत्र की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा ने बताया कि पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए बृहस्पतिवार से 2274 आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन सप्ताह शुरू किया गया। कुपोषण से ग्रसित बच्चों में बाल्यावस्था की बीमारियां एवं उनसे होने वाली मृत्यु का खतरा अधिक बढ़ जाता है। कुपोषण की सबसे गंभीर श्रेणी में सैम (अतिकुपोषित), मैम (कुपोषित) व गंभीर अल्प वजन के बच्चे आते हैं। कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए 24 जून तक जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए वजन सप्ताह शुरू हुआ है। इस दौरान वजन व लंबाई लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पांच वर्ष के बच्चों की सूचना पोषण श्रेणी के अनुसार एकत्र की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांग बच्चों को भी चिह्नित किया जा रहा है। यदि किसी बच्चे का वजन उसकी आयु के मानक से कम होता है तो उसके स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति ज्यादा खराब होने पर उन्हें जिला मुख्यालय पर बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाता है।
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