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रातभर मनाया शादी का जश्न, सुबह छाया मातम
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मुजफ्फरनगर : गांव कुटबी में घटना क्रम जानकारी करती पुलिस।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। कुटबी में दिल्ली पुलिस के सिपाही अनुज की शादी की खुशियां छाई थीं। बड़े बेटे की शादी की तैयारी से परिवार खुश था। बरात के लिए दोस्त भी इकट्ठे हुए थे। पलभर में शादी की तैयारियां मातम में बदल गईं।
पिता रविंद्र सिंह होमगार्ड हैं। बेटा दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ, तो लगा जैसे तपस्या पूरी हो गई। परिवार ने सपने देखे। एक ख्वाब था शादी का। रिश्ता तय हुआ और शादी का दिन भी आ पहुंचा, लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था। मोबाइल पर सुबह पांच बजे आई एक कॉल को सुनने के लिए अनुज छत पर चला गया, जो उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।
घटना से मृतक के छोटे भाई अंकुर व बहन प्रीति के अलावा पिता रविंद्र व मां का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक का छोटा भाई पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है और छोटी बहन पढ़ाई करती है। घटना से गांव में शोक छा गया।
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जिस घर से निकलनी थी बरात, वहां से निकली अर्थी
कुटबी गांव में गम का माहौल है। रविंद्र सिंह के मकान से उसका बेटा दूल्हा बनकर निकलना था, लेकिन हादसे से घर का चिराग बुझ गया। जिस घर से बरात निकली थी, वहां से अर्थी निकली। परिजनों ने बताया कि वह मोबाइल पर बात करता हुआ छत पर पहुंच गया। रेलिंग न लगी होने के कारण वह ऊपर से गिर गया और उसकी मौत हो गई।
किसकी कॉल आई थी सब खामोश
सुबह पांच बजे अनुज के मोबाइल पर किसकी कॉल आई थी, इस बारे में परिजन खामोश है। हादसे के बाद कोई इस विषय पर बात करने को तैयार नहीं हुआ। जैसे ही हादसे की खबर लोनी पहुंची तो दुल्हन के घर भी मातम छा गया। दिनभर वहां भी गम का माहौल रहा।
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पिता रविंद्र सिंह होमगार्ड हैं। बेटा दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ, तो लगा जैसे तपस्या पूरी हो गई। परिवार ने सपने देखे। एक ख्वाब था शादी का। रिश्ता तय हुआ और शादी का दिन भी आ पहुंचा, लेकिन कुदरत को शायद कुछ और ही मंजूर था। मोबाइल पर सुबह पांच बजे आई एक कॉल को सुनने के लिए अनुज छत पर चला गया, जो उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।
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घटना से मृतक के छोटे भाई अंकुर व बहन प्रीति के अलावा पिता रविंद्र व मां का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक का छोटा भाई पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा है और छोटी बहन पढ़ाई करती है। घटना से गांव में शोक छा गया।
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जिस घर से निकलनी थी बरात, वहां से निकली अर्थी
कुटबी गांव में गम का माहौल है। रविंद्र सिंह के मकान से उसका बेटा दूल्हा बनकर निकलना था, लेकिन हादसे से घर का चिराग बुझ गया। जिस घर से बरात निकली थी, वहां से अर्थी निकली। परिजनों ने बताया कि वह मोबाइल पर बात करता हुआ छत पर पहुंच गया। रेलिंग न लगी होने के कारण वह ऊपर से गिर गया और उसकी मौत हो गई।
किसकी कॉल आई थी सब खामोश
सुबह पांच बजे अनुज के मोबाइल पर किसकी कॉल आई थी, इस बारे में परिजन खामोश है। हादसे के बाद कोई इस विषय पर बात करने को तैयार नहीं हुआ। जैसे ही हादसे की खबर लोनी पहुंची तो दुल्हन के घर भी मातम छा गया। दिनभर वहां भी गम का माहौल रहा।