{"_id":"610594028ebc3e0937354b9b","slug":"water-reduced-in-solani-river-but-no-problems-muzaffarnagar-news-mrt549897167","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलानी नदी में पानी कम होने से ग्रामीणों मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलानी नदी में पानी कम होने से ग्रामीणों मिली राहत
विज्ञापन
पुरकाजी के खादर क्षेत्र में नाव में बैठकर सोलानी नदी पार करते ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलानी नदी में पानी कम हुआ, लेकिन मुसीबतें नहीं
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। उफान पर आई सोलानी नदी में पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की दिक्कतें अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मगर ,गांवों के रास्ते और खेतों में अभी भी पानी भरा होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी से बृहस्पतिवार को सोलानी नदी उफान पर आ गई थी। पानी शुक्रवार को नदी से बाहर निकलकर खेतों और कई गांवों के रास्तों पर भर गया था। कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए थे। पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर पानी आ जाने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, शुक्रवार को पानी गांव रामनगर, रजगल्लापुर, नगला, पांचली, भदौला, भदौली, सुहेली, अलमवाला, जिंदा वाला, चांचक, चमरावला आदि गांवों के रास्तों व गलियों में भर गया था, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बंद हो जाने से ग्रामीण घरों में ही कैद होकर रह गए थे। पानी गांव रजगल्लापुर, शेरपुर नगला आदि गांवों के स्कूलों व कई घरों में भी घुस गया था। पुरकाजी लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर भी करीब दो फुट पानी आ जाने राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
शनिवार को पानी कम होने जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ग्रामीणों ने बताया कि पानी कम होने से आवागमन चालू हो गया है। मगर, जंगलों व खेतों में कई कई फुट पानी भरा होने पर ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे पशुओं के लिए चारा नहीं ला पा रहे हैं।
विज्ञापन
सरदार बोहड़ सिंह, प्रधान सुनील कुमार बारी, जगतार सिंह, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, राजेश गुर्जर, साधू राम, बिजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि पानी खेतों में पानी भरे हुए एक सप्ताह से भी ज्यादा गुजर गया है. जिससे खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसलें पूरी तरह बर्बाद होने लगी हैं। ज्वार की फसल खराब हो जाने से पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या आ गई है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि पानी कम होना शुरू हो गया है। रविवार शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेखपाल सोमनाथ का कहना है कि किसानों ने अपने खेतों से पानी निकलने का इंतजाम कर रखा है। खेतों में खड़ा पानी जल्द ही निकल जाएगा. जिन किसानों की फसलों को नुकसान होगा। शासन के निर्देशों पर उन किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। उफान पर आई सोलानी नदी में पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की दिक्कतें अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मगर ,गांवों के रास्ते और खेतों में अभी भी पानी भरा होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी से बृहस्पतिवार को सोलानी नदी उफान पर आ गई थी। पानी शुक्रवार को नदी से बाहर निकलकर खेतों और कई गांवों के रास्तों पर भर गया था। कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए थे। पुरकाजी-लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर पानी आ जाने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं, शुक्रवार को पानी गांव रामनगर, रजगल्लापुर, नगला, पांचली, भदौला, भदौली, सुहेली, अलमवाला, जिंदा वाला, चांचक, चमरावला आदि गांवों के रास्तों व गलियों में भर गया था, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बंद हो जाने से ग्रामीण घरों में ही कैद होकर रह गए थे। पानी गांव रजगल्लापुर, शेरपुर नगला आदि गांवों के स्कूलों व कई घरों में भी घुस गया था। पुरकाजी लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर रपटे पर भी करीब दो फुट पानी आ जाने राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
शनिवार को पानी कम होने जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। ग्रामीणों ने बताया कि पानी कम होने से आवागमन चालू हो गया है। मगर, जंगलों व खेतों में कई कई फुट पानी भरा होने पर ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे पशुओं के लिए चारा नहीं ला पा रहे हैं।
विज्ञापन
सरदार बोहड़ सिंह, प्रधान सुनील कुमार बारी, जगतार सिंह, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, राजेश गुर्जर, साधू राम, बिजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि पानी खेतों में पानी भरे हुए एक सप्ताह से भी ज्यादा गुजर गया है. जिससे खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसलें पूरी तरह बर्बाद होने लगी हैं। ज्वार की फसल खराब हो जाने से पशुओं के लिए चारे की विकट समस्या आ गई है। सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि पानी कम होना शुरू हो गया है। रविवार शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेखपाल सोमनाथ का कहना है कि किसानों ने अपने खेतों से पानी निकलने का इंतजाम कर रखा है। खेतों में खड़ा पानी जल्द ही निकल जाएगा. जिन किसानों की फसलों को नुकसान होगा। शासन के निर्देशों पर उन किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

पुरकाजी के खादर क्षेत्र में सोलानी नदी की सफाई करती जेसीबी मशीन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR