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14 दिन में भुगतान नहीं करने वाली मिलों को नोेटिस दें : डीएम
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 11 May 2018 12:25 AM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डीएम राजीव शर्मा ने कहा कि 14 दिन में भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों को नोटिस जारी किए जाएं। गन्ना नहीं आने से बंद हो चुकी भैसाना और खाईखेड़ी को पेराई सत्र का समापन करने के लिए एनओसी देने के लिए कहा गया।
कलक्ट्रेट के सभागार में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम ने 14 दिन में भुगतान नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। सभी चीनी मिल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि अभी से रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना न बोने के लिए प्रचार प्रसार कराएं ताकि आने वाले पेराई सत्र में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने समितियों के पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों का नई प्रजातियों के बारे में बताएं जिससे किसानों को लाभ मिल सकेे। उन्होंने कहा कि अभी से ही रिकवरी बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किया जाएं और किसानों में इसका प्रचार प्रसार कराया जाएं। चीनी मिलों की प्रथम प्राथमिकता किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान होना चाहिए, उसके बाद अन्य भुगतान करें।
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डीएम ने कहा कि शीघ्र ही पुन: गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की जाएगी। गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के भीतर होना अनिवार्य है, इसका सभी चीनी मिलें अवश्य पालन करना सुनिश्चित करें।
किसानों का गन्ना शेष रहने तक कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होगी। भैसाना और खाईखेड़ी के एक सप्ताह से गन्ने की कमी के चलते बंद होने के कारण एनओसी देने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि जिले में किसानों का अब तक 1926 करोड़ का भुगतान हो चुका है।
14 दिन से पूर्व का 831 करोड़ का भुगतान बकाया है। टिकौला को छोड़ सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी किया जाएगा। बैठक में डीसीओ ओपी यादव, गन्ना समितियों के सचिव, मिल प्रबंधक शमिल रहे।
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कलक्ट्रेट के सभागार में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम ने 14 दिन में भुगतान नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। सभी चीनी मिल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि अभी से रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना न बोने के लिए प्रचार प्रसार कराएं ताकि आने वाले पेराई सत्र में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
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उन्होंने समितियों के पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों का नई प्रजातियों के बारे में बताएं जिससे किसानों को लाभ मिल सकेे। उन्होंने कहा कि अभी से ही रिकवरी बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किया जाएं और किसानों में इसका प्रचार प्रसार कराया जाएं। चीनी मिलों की प्रथम प्राथमिकता किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान होना चाहिए, उसके बाद अन्य भुगतान करें।
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डीएम ने कहा कि शीघ्र ही पुन: गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की जाएगी। गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के भीतर होना अनिवार्य है, इसका सभी चीनी मिलें अवश्य पालन करना सुनिश्चित करें।
किसानों का गन्ना शेष रहने तक कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होगी। भैसाना और खाईखेड़ी के एक सप्ताह से गन्ने की कमी के चलते बंद होने के कारण एनओसी देने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि जिले में किसानों का अब तक 1926 करोड़ का भुगतान हो चुका है।
14 दिन से पूर्व का 831 करोड़ का भुगतान बकाया है। टिकौला को छोड़ सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी किया जाएगा। बैठक में डीसीओ ओपी यादव, गन्ना समितियों के सचिव, मिल प्रबंधक शमिल रहे।