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घूंघटवाली के साथ बुर्कानशीं भी खूब निकलीं, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोटरों की लगी रही कतार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:27 AM IST
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मतदान करने पहुंची महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर की सरकार के लिए अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए वोटरों में गजब का उत्साह दिखा। बूथों पर घूंघटवालियों के साथ बुर्कानशी भी खूब निकलीं। मुस्लिम क्षेत्रों में पोलिंग बूथों पर महिलाओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। यहां पर अधिकांश बूथों पर दोपहर एक बजे तक 40 प्रतिशत तक मतदान किया गया। आधी आबादी का चुनाव में पूरा योगदान रहा।
निकाय चुनाव में भी आधी आबादी नतीजा तय करने में मुख्य भूमिका में है। पुुुरुषों के मुकाबले पोलिंग बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रही। सुबह नौ बजे तक पोलिंग बूथों पर वोटरों की कतारें कम रही। अगले दो घंटे बाद ही बेरिकेडिंग तक महिलाओं की लाइन लग गई। शहर में चेयरमैन के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। पहली बार महिला सीट होने पर वोटिंग महिलाओं के भीतर भी पोलिंग करने का जुनून दिखाई दिया।
मुस्लिम क्षेत्रों में सुबह से बूथों पर महिलाएं और युवतियां पहुंचना शुरू हो गईं, जबकि गेट बंद कालोनियों में वोटर घरों तक सीमित रहे। दोपहर बाद यहां भी घूंघटवाली वोटर बूथ की ओर बढ़ीं। मुस्लिम क्षेत्रों के कई बूथों पर दोपहर एक बजे तक 40 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था, जबकि शाम तक वोट डालने के लिए कतार लगी रही।
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पुरुषों के मुकाबले यहां महिला वोटर अधिक मतदान के प्रति जागरूक नजर आईं। ऐसे में साफ है कि निकाय चुनाव में हार-जीत का फैसला महिलाओं के हाथ में अधिक है। आधी आबादी ने पूरी जिम्मेदारी निभाकर लोकतंत्र में अपना कर्तव्य पूर्ण किया है। चेयरमैन के साथ सभासद प्रत्याशियों पर भी वोटरों ने तरजीह दी है।
मुस्लिम क्षेत्रों में लगाई ई-रिक्शा
मुजफ्फरनगर। मुस्लिम क्षेत्रों में खालापार, लद्दावाला, किदवईनगर, मल्हूपुरा आदि के साथ रामपुरी क्षेत्र में भी वोटरों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महिलाओं को बूथ पर लाने और घर छोडऩे के लिए ई-रिक्शा लगाई गई, जिसके चलते बूथों पर भीड़ अधिक बढ़ गई।
पॉश कालोनियों में कम दिखा रुझान
मुजफ्फरनगर। शहर की पॉश कालोनियों में मतदाताओं के भीतर मतदान के प्रति रुझान कम दिखाई दिया। नई मंडी, गांधी कालोनी, भरतिया कालोनी, आर्य पुरी, साकेत कालोनी आदि में वोटर कमतर रूप से बूथों पर पहुंचे। दोपहर तक यहां अधिकांश बूथ खाली पड़े रहे। पॉश कालोनियों के कई बूथों पर पोलिंग 30 और 35 प्रतिशत रहा।
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निकाय चुनाव में भी आधी आबादी नतीजा तय करने में मुख्य भूमिका में है। पुुुरुषों के मुकाबले पोलिंग बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रही। सुबह नौ बजे तक पोलिंग बूथों पर वोटरों की कतारें कम रही। अगले दो घंटे बाद ही बेरिकेडिंग तक महिलाओं की लाइन लग गई। शहर में चेयरमैन के लिए महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। पहली बार महिला सीट होने पर वोटिंग महिलाओं के भीतर भी पोलिंग करने का जुनून दिखाई दिया।
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मुस्लिम क्षेत्रों में सुबह से बूथों पर महिलाएं और युवतियां पहुंचना शुरू हो गईं, जबकि गेट बंद कालोनियों में वोटर घरों तक सीमित रहे। दोपहर बाद यहां भी घूंघटवाली वोटर बूथ की ओर बढ़ीं। मुस्लिम क्षेत्रों के कई बूथों पर दोपहर एक बजे तक 40 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था, जबकि शाम तक वोट डालने के लिए कतार लगी रही।
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पुरुषों के मुकाबले यहां महिला वोटर अधिक मतदान के प्रति जागरूक नजर आईं। ऐसे में साफ है कि निकाय चुनाव में हार-जीत का फैसला महिलाओं के हाथ में अधिक है। आधी आबादी ने पूरी जिम्मेदारी निभाकर लोकतंत्र में अपना कर्तव्य पूर्ण किया है। चेयरमैन के साथ सभासद प्रत्याशियों पर भी वोटरों ने तरजीह दी है।
मुस्लिम क्षेत्रों में लगाई ई-रिक्शा
मुजफ्फरनगर। मुस्लिम क्षेत्रों में खालापार, लद्दावाला, किदवईनगर, मल्हूपुरा आदि के साथ रामपुरी क्षेत्र में भी वोटरों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महिलाओं को बूथ पर लाने और घर छोडऩे के लिए ई-रिक्शा लगाई गई, जिसके चलते बूथों पर भीड़ अधिक बढ़ गई।
पॉश कालोनियों में कम दिखा रुझान
मुजफ्फरनगर। शहर की पॉश कालोनियों में मतदाताओं के भीतर मतदान के प्रति रुझान कम दिखाई दिया। नई मंडी, गांधी कालोनी, भरतिया कालोनी, आर्य पुरी, साकेत कालोनी आदि में वोटर कमतर रूप से बूथों पर पहुंचे। दोपहर तक यहां अधिकांश बूथ खाली पड़े रहे। पॉश कालोनियों के कई बूथों पर पोलिंग 30 और 35 प्रतिशत रहा।