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गांव का रास्ता बनवाने को लेकर ग्रामीणों का धरना
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टांडा में सड़क निर्माण को लेकर धरना देते ग्रामीण
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
गांव का रास्ता बनवाने के लिए ग्रामीणों का धरना
चरथावल। टांडा से कादरगढ़ के बीच मुख्यमार्ग के निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने धरना देकर मार्ग निर्माण की मांग की। दो जिलों के बीच सीमा का मामला होने के कारण कोई समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
अरसे से चरथावल के टांडा और थानाभवन ब्लॉक के कादरगढ़ के बीच मुख्यमार्ग टूटा पड़ा है। ग्रामीणों को इस मार्ग से निकलना दूभर रहता है। गन्ने के सीजन में किसानों को तौल केंद्रों तक गन्ना ले जाने में मुसीबत उठानी पड़ती है। आरोप है कि कुछ लोगों ने ज्ञानामाजरा राजपूतान के श्मशान घाट के पास रास्ते को काटकर खेतों में मिला लिया है। इसकी वजह से लोगों को श्मशान घाट के बीच से निकलना पड़ता है। सालों से यह मुद्दा ग्रामीण उठा रहे हैं। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर भाकिसं के जिलाध्यक्ष कपिल सोम ने इस संबंध में एक पखवाड़े पूर्व 22 सितंबर से धरना देने की सूचना डीएम मुजफ्फरनगर को भिजवा दी थी। वावजूद इसके प्रशासन द्वारा मामले में कोई रुचि नहीं लेने से गुस्साए ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। वादे के मुताबिक दोनों जिलों के एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचें। सदर तहसील से न्यायिक तहसीलदार पहुंचे, लेकिन उन्होंने रास्ते को शामली जनपद में बताकर गेंद उनके पाले में डाल दी। बिरालसी से उप निरीक्षक रणपाल सिंह को धरने पर बैठा लिया। भाकिसं नेताओं का कहना है धरना जारी रहेगा। शामली जिलाध्यक्ष अजब सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष बबली शर्मा, अंकित रोड, प्रधान कंवरपाल सिंह, बिल्लू राणा, जल सिंह राणा, अंकुर रोड़, रजत, अमरीश, बलराम रोढ, सनी आदि मौजूद रहे।
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चरथावल। टांडा से कादरगढ़ के बीच मुख्यमार्ग के निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने धरना देकर मार्ग निर्माण की मांग की। दो जिलों के बीच सीमा का मामला होने के कारण कोई समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
अरसे से चरथावल के टांडा और थानाभवन ब्लॉक के कादरगढ़ के बीच मुख्यमार्ग टूटा पड़ा है। ग्रामीणों को इस मार्ग से निकलना दूभर रहता है। गन्ने के सीजन में किसानों को तौल केंद्रों तक गन्ना ले जाने में मुसीबत उठानी पड़ती है। आरोप है कि कुछ लोगों ने ज्ञानामाजरा राजपूतान के श्मशान घाट के पास रास्ते को काटकर खेतों में मिला लिया है। इसकी वजह से लोगों को श्मशान घाट के बीच से निकलना पड़ता है। सालों से यह मुद्दा ग्रामीण उठा रहे हैं। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर भाकिसं के जिलाध्यक्ष कपिल सोम ने इस संबंध में एक पखवाड़े पूर्व 22 सितंबर से धरना देने की सूचना डीएम मुजफ्फरनगर को भिजवा दी थी। वावजूद इसके प्रशासन द्वारा मामले में कोई रुचि नहीं लेने से गुस्साए ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। वादे के मुताबिक दोनों जिलों के एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचें। सदर तहसील से न्यायिक तहसीलदार पहुंचे, लेकिन उन्होंने रास्ते को शामली जनपद में बताकर गेंद उनके पाले में डाल दी। बिरालसी से उप निरीक्षक रणपाल सिंह को धरने पर बैठा लिया। भाकिसं नेताओं का कहना है धरना जारी रहेगा। शामली जिलाध्यक्ष अजब सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष बबली शर्मा, अंकित रोड, प्रधान कंवरपाल सिंह, बिल्लू राणा, जल सिंह राणा, अंकुर रोड़, रजत, अमरीश, बलराम रोढ, सनी आदि मौजूद रहे।
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