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इंग्लैंड से आकर देखा हैदरपुर वेटलैंड का नजारा
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इंग्लैंड से आकर देखा हैदरपुर वेटलैंड का नजारा
मुजफ्फरनगर। विश्व की प्रख्यात पक्षी विशेषज्ञ इंग्लैंड की कैरल इंस्किप हैदरपुर वेटलैंड के नजारे को देख भाव विभोर हो गईं। यहां मौजूद स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को देखकर उन्होंने इस स्थान के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।
इंग्लैंड की कैरल इंस्किप विगत दिनों मंडलायुक्त संजय कुमार, वन संरक्षक वीके जैन के साथ हैदरपुर वेटलैंड आई थीं। उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के संबंध में जानकारी एकत्र की। उन्होंने इस स्थान को जैव विविधता से भरा पाया। डीएफओ सूरज ने बताया कि कैरल ने पक्षियों की प्रजातियों के संरक्षण को इकोलॉजिकल सिस्टम और पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने इस स्थान के विकास के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर बहुत से दुर्लभ प्रजाति के पक्षी मौजूद हैं। यहां का वातावरण उनके अनुकूल है। उन्होंने वहां का अध्ययन कर पक्षियों की एक सौ पचास प्रजातियों के पक्षियों को देखा। कैरल के यहां आने से हैदरपुर वेटलैंड के और अधिक विकास की संभावनाएं बढ़ गईं हैं।
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मुजफ्फरनगर। विश्व की प्रख्यात पक्षी विशेषज्ञ इंग्लैंड की कैरल इंस्किप हैदरपुर वेटलैंड के नजारे को देख भाव विभोर हो गईं। यहां मौजूद स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को देखकर उन्होंने इस स्थान के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।
इंग्लैंड की कैरल इंस्किप विगत दिनों मंडलायुक्त संजय कुमार, वन संरक्षक वीके जैन के साथ हैदरपुर वेटलैंड आई थीं। उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के संबंध में जानकारी एकत्र की। उन्होंने इस स्थान को जैव विविधता से भरा पाया। डीएफओ सूरज ने बताया कि कैरल ने पक्षियों की प्रजातियों के संरक्षण को इकोलॉजिकल सिस्टम और पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने इस स्थान के विकास के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर बहुत से दुर्लभ प्रजाति के पक्षी मौजूद हैं। यहां का वातावरण उनके अनुकूल है। उन्होंने वहां का अध्ययन कर पक्षियों की एक सौ पचास प्रजातियों के पक्षियों को देखा। कैरल के यहां आने से हैदरपुर वेटलैंड के और अधिक विकास की संभावनाएं बढ़ गईं हैं।
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