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मुजफ्फरनगर में प्रसव चिकित्सा की वीडियो वायरल, बैठाई जांच
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:50 PM IST
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वायरल वीडियो
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खतौली सीएचसी के ओटी (ऑपरेशन थिएटर) में एक महिला की सिजेरियन डिलीवरी के दौरान बनाई गई वीडियो वायरल कर दी गई। किसी कर्मचारी की इस शर्मनाक करतूत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। मोबाइल से बनी यह वीडियो क्लिप सोमवार की है और सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी से जवाब तलब करते हुए एसीएमओ को जांच सौंपी है।
सोशल मीडिया में वायरल हुई इस क्लिप में एक स्थानीय महिला की प्रसव शल्य चिकित्सा को दर्शाया गया है। सोमवार को डा. राजीव निगम के निर्देशन में सीएचसी के ऑपरेशन थिएटर में महिला का यह सर्जरी हुई थी। सीएमओ डा. पीएस मिश्रा ने बताया कि सीएचसी पर ही प्राइवेट सर्जन से शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है और मानदेय में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराई जाती है।
इसी क्लिप के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसमें सर्जरी के बाद प्रसूता को टांके लगाए जा रहे हैं। इसमें महिला का चेहरा भी साफ नजर आ रहा है। जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का उल्लंघन है। क्योंकि बनाई जाने वाली क्लिप में महिला का चेहरा नहीं होना चाहिए।
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सीएमओ का कहना है कि सर्जरी की क्लिप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों द्वारा उन्हें भेजी जाती है, जिसे वे केस सत्यापन के तौर पर लखनऊ फॉरवर्ड करते हैं। लेकिन पूरा मामला विभागीय और गोपनीय होता है। उन्होंने माना कि क्लिप वायरल होना गलत है और सीएचसी खतौली प्रभारी डा. बबीता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसीएमओ डा. शरण सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है।
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सोशल मीडिया में वायरल हुई इस क्लिप में एक स्थानीय महिला की प्रसव शल्य चिकित्सा को दर्शाया गया है। सोमवार को डा. राजीव निगम के निर्देशन में सीएचसी के ऑपरेशन थिएटर में महिला का यह सर्जरी हुई थी। सीएमओ डा. पीएस मिश्रा ने बताया कि सीएचसी पर ही प्राइवेट सर्जन से शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है और मानदेय में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वीडियोग्राफी कराई जाती है।
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इसी क्लिप के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसमें सर्जरी के बाद प्रसूता को टांके लगाए जा रहे हैं। इसमें महिला का चेहरा भी साफ नजर आ रहा है। जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का उल्लंघन है। क्योंकि बनाई जाने वाली क्लिप में महिला का चेहरा नहीं होना चाहिए।
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सीएमओ का कहना है कि सर्जरी की क्लिप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों द्वारा उन्हें भेजी जाती है, जिसे वे केस सत्यापन के तौर पर लखनऊ फॉरवर्ड करते हैं। लेकिन पूरा मामला विभागीय और गोपनीय होता है। उन्होंने माना कि क्लिप वायरल होना गलत है और सीएचसी खतौली प्रभारी डा. बबीता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसीएमओ डा. शरण सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है।