Muzaffarnagar: हत्या के मामले में 23 साल बाद मिला इंसाफ, हत्यारे को उम्रकैद
मुजफ्फरनगर के थानाभवन के मुल्लापुर गांव में 23 साल पहले अंजाम दी गई लोकेश की हत्या के मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जबकि महिला समेत सभी 11 अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-6 के पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार ने की।
एडीजीसी फौजदारी जोगेंद्र गोयल ने बताया मामला थानाभवन थाना क्षेत्र के गांव मुल्लापुर का है। 16 अक्तूबर 1999 को थानाभवन निवासी वादी राजकुमार ने गांव मुल्लापुर में हुई अपने भाई लोकेश की हत्या एवं अन्य परिजनों पर जानलेवा हमले का मुकदमा कायम कराया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। वादी पक्ष के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद अदालत द्वारा 30 अप्रैल 2003 को एफआईआर में नामजद महिला माया एवं अजय और राधेश्याम को तलब किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक भवानी सिंह से कब्जे से बरामद की थी।
मुकदमे का सत्र परीक्षण एडीजे कोर्ट संख्या-6 में हुआ। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी सहित नौ गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सुभाष को हत्या की धारा में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड, जानलेवा हमले में 10 साल की सजा 10 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। जबकि आरोपी कदम सिंह, भवानी, सुभाष, मिंटू, सतेंद्र, कुंवरपाल, संजय उर्फ बौरा, बिजेंद्र, सुशील, माया और अजय को तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
ये था मामला
15 अक्तूबर 1999 को मुल्लापुर निवासी राजकुमार अपने गांव से थानाभवन जा रहा था। रास्ते में गांव के ही बीरा ने साइकिल से राजकुमार को टक्कर मार दी। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। अगले दिन राजकुमार के पिता खेत में जा रहे थे। आरोपी पक्ष ने उन्हें घेर लिया। झगड़े की जानकारी मिलने पर राजकुमार, उसका भाई लोकेश भी मौके पर पहुंच गए। हमलावरों ने गोली मारकर लोकेश की हत्या कर दी थी।