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सब्जी मंडियां बंद होने से सब्जी के भाव में गिरावट, किसान परेशान
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मंडियां बंद होने से सब्जी के भाव में गिरावट
खतौली। क्षेत्र के किसानों द्वारा खतौली मंडी में अधिक सब्जी लाए जाने के कारण सब्जियों के भाव गिर गए हैं। नतीजतन किसान परेशान है।
कस्बा निवासी सब्जी की पैदावार करने वाले किसान हुकम सिंह, सोरन, बिट्टू, दीनू, राधेश्याम, रवि, राजू, ललित, गोविंद के खेत सफेदा रोड बाईपास है। ये खेत में काम करते मिले। बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने से पहले सब्जी के दाम ठीक थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद लावड़, सरधना, मेरठ आदि की सब्जी मंडी बंद है। नतीजतन उन क्षेत्रों के किसान भी अपनी सब्जी खतौली मंडी में लाकर बेच रहे हैं। अधिक मात्रा में सब्जी पहुंचने के कारण सब्जी के दामों में भारी गिरावट आई है। उधर, पुलिस कर्मी भी किसानों को खेत तक पहुंचने में परेशान कर रहे है। यदि बाइक द्वारा रेहड़ा लेकर दूर-दराज स्थित खेत पर जाते है तो हेलमेट आदि न होने पर भी काफी अभद्रता की जा रही है। यदि सब्जियों के दामों में इसी प्रकार गिरावट रही तो सब्जी किसान को उसकी फसल के दाम भी मिल पाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडी में थोक में भाव में फरासबीन के दाम 6-8 रुपये प्रति किलो, खीरा 3-5 रुपये प्रति किलो, हरी प्याज 12-15 रुपये प्रति किलो, लौकी 3-4 रुपये प्रति किलो, पेठा 6-8 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है, अन्य सब्जी का भी यही हाल है। जबकि यह सब्जियां गली मौहल्लों में आढत लगने के बाद 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक बेची जा रही है।
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खतौली। क्षेत्र के किसानों द्वारा खतौली मंडी में अधिक सब्जी लाए जाने के कारण सब्जियों के भाव गिर गए हैं। नतीजतन किसान परेशान है।
कस्बा निवासी सब्जी की पैदावार करने वाले किसान हुकम सिंह, सोरन, बिट्टू, दीनू, राधेश्याम, रवि, राजू, ललित, गोविंद के खेत सफेदा रोड बाईपास है। ये खेत में काम करते मिले। बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने से पहले सब्जी के दाम ठीक थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद लावड़, सरधना, मेरठ आदि की सब्जी मंडी बंद है। नतीजतन उन क्षेत्रों के किसान भी अपनी सब्जी खतौली मंडी में लाकर बेच रहे हैं। अधिक मात्रा में सब्जी पहुंचने के कारण सब्जी के दामों में भारी गिरावट आई है। उधर, पुलिस कर्मी भी किसानों को खेत तक पहुंचने में परेशान कर रहे है। यदि बाइक द्वारा रेहड़ा लेकर दूर-दराज स्थित खेत पर जाते है तो हेलमेट आदि न होने पर भी काफी अभद्रता की जा रही है। यदि सब्जियों के दामों में इसी प्रकार गिरावट रही तो सब्जी किसान को उसकी फसल के दाम भी मिल पाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडी में थोक में भाव में फरासबीन के दाम 6-8 रुपये प्रति किलो, खीरा 3-5 रुपये प्रति किलो, हरी प्याज 12-15 रुपये प्रति किलो, लौकी 3-4 रुपये प्रति किलो, पेठा 6-8 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है, अन्य सब्जी का भी यही हाल है। जबकि यह सब्जियां गली मौहल्लों में आढत लगने के बाद 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक बेची जा रही है।