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जमानती हाजिर करने वाले गिरोह के जाल में फंस गया था वेद कश्यप
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किसान वेद कश्यप
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। लच्छेड़ा का किसान वेद कश्यप लोगों को अपराध के मुकदमों में जमानती उपलब्ध कराने वाले गिरोह के जाल में फंसा था। गांव के सीधे-साधे अन्य लोग भी इस गिरोह का निशाना बने हैं। किसान की मौत के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
सरल स्वभाव के किसान वेद कश्यप की मौत के बाद कई राज खुलने शुरू हो गए हैं। अदालत की सख्ती के बाद सदर तहसील की टीम ने 26 अप्रैल को जमीन की नीलामी की मुनादी कराई थी, तभी से किसान सदमे में था। 28 अप्रैल को खेत में काम करने के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन ने मामले की पड़ताल शुरू की है। अपराध के मामले में जेल में बंद अपराधियों को जमानती उपलब्ध कराने वाले गिरोह ने सीधे किसान को फंसा लिया था। वेद कश्यप अकेला किसान नहीं है, गांव के करीब 10 लोगों को दूर-दराज के मामलों में गिरोह ने जमानती बना रखा है। पुलिस ने इस गिरोह की जांच शुरू कर दी है। ग्राम प्रधान कुलदीप चौधरी स्वीकार करते हैं कि गांव के लोगों को ऐसे अपराधियों का जमानती बनाया गया है, जिनसे उनका कोई लेना देना नहीं है। सीधे-साधे लोग जाल में फंसे हैं।
एसडीएम सदर परमानंद झा का कहना है कि कुछ और लोगों ने भी इसी तरह जमानत ली है। सीधे लोगों को फंसाकर जमानती बनाया गया है।
जावेद को नहीं जानता था वेद कश्यप
किसान ने बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव निवासी जावेद की दुष्कर्म के मामले में जमानत ली थी। आरोपी से किसान की कोई जान-पहचान नहीं थी। एक ओर मामले में वेद कश्यप को जमानती बनाया गया था। पॉक्सो अदालत की सख्ती के बाद तहसील की टीम ने गांव में मुनादी कराई थी।
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किसान का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
किसान वेद कश्यप का गमगीन माहौल में शाम करीब पांच बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
अमील के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को बताया कि किसान ने अमीन से बेटी की शादी के बाद धनराशि देने की बात कही थी। आरोप है कि अमीन नहीं माना। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर एसडीएम सदर ने प्रकरण की जांच शुरू करा दी है। अमीन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
दिनभर गांव में चलती रही जांच
संवेदनशील मामले में दिनभर जांच की गई। शासन ने भी मामले की जानकारी ली है। ग्राम प्रधान कुलदीप चौधरी से खूफिया विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी जुटाई।
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सरल स्वभाव के किसान वेद कश्यप की मौत के बाद कई राज खुलने शुरू हो गए हैं। अदालत की सख्ती के बाद सदर तहसील की टीम ने 26 अप्रैल को जमीन की नीलामी की मुनादी कराई थी, तभी से किसान सदमे में था। 28 अप्रैल को खेत में काम करने के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन ने मामले की पड़ताल शुरू की है। अपराध के मामले में जेल में बंद अपराधियों को जमानती उपलब्ध कराने वाले गिरोह ने सीधे किसान को फंसा लिया था। वेद कश्यप अकेला किसान नहीं है, गांव के करीब 10 लोगों को दूर-दराज के मामलों में गिरोह ने जमानती बना रखा है। पुलिस ने इस गिरोह की जांच शुरू कर दी है। ग्राम प्रधान कुलदीप चौधरी स्वीकार करते हैं कि गांव के लोगों को ऐसे अपराधियों का जमानती बनाया गया है, जिनसे उनका कोई लेना देना नहीं है। सीधे-साधे लोग जाल में फंसे हैं।
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एसडीएम सदर परमानंद झा का कहना है कि कुछ और लोगों ने भी इसी तरह जमानत ली है। सीधे लोगों को फंसाकर जमानती बनाया गया है।
जावेद को नहीं जानता था वेद कश्यप
किसान ने बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव निवासी जावेद की दुष्कर्म के मामले में जमानत ली थी। आरोपी से किसान की कोई जान-पहचान नहीं थी। एक ओर मामले में वेद कश्यप को जमानती बनाया गया था। पॉक्सो अदालत की सख्ती के बाद तहसील की टीम ने गांव में मुनादी कराई थी।
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किसान का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
किसान वेद कश्यप का गमगीन माहौल में शाम करीब पांच बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
अमील के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को बताया कि किसान ने अमीन से बेटी की शादी के बाद धनराशि देने की बात कही थी। आरोप है कि अमीन नहीं माना। केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर एसडीएम सदर ने प्रकरण की जांच शुरू करा दी है। अमीन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
दिनभर गांव में चलती रही जांच
संवेदनशील मामले में दिनभर जांच की गई। शासन ने भी मामले की जानकारी ली है। ग्राम प्रधान कुलदीप चौधरी से खूफिया विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी जुटाई।