मां सरस्वती की आराधना से ज्ञान का वरदान मिलता है : ओमानंद
मोरना। तीर्थनगरी शुक्रतीर्थ स्थित शुकदेव संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में वसंत पंचमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। छात्रों ने संस्कृत भाषा में गीत और भाषण प्रस्तुत किए।
इस समारोह में भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि मां सरस्वती साहित्य कला संगीत और ज्ञान विज्ञान की अधिष्ठात्री देवी है। मां सरस्वती की आराधना से ज्ञान का वरदान मिलता है। मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। कालीदास को भी बुद्धि का वरदान मां सरस्वती से ही मिला था। संस्कृत साहित्य की रचना की थी। मां सरस्वती की आराधना से ज्ञान का वरदान मिलता है। मनुष्य का मन, बुद्धि, हृदय, वाणी पवित्र हो जाती है और ज्ञान के दीप प्रज्वलित होते हैं। इससे पूर्व, विधि-विधान पूर्वक मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य आचार्य ग्रीस चंद उप्रेती, गुरुकुल संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य राणा शास्त्री, आचार्य रामस्नेही, कथा व्यास अचल कृष्ण शास्त्री ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में ब्रह्मचारी छात्रों ने संस्कृत भाषा में स्वागत गीत व भाषण प्रस्तुत किया। युवराज, राजू उपाध्याय, देवराज, अरुण भटराई, प्रदीप शास्त्री, धीरेंद्र, आकांक्षा मिश्रा, रेखा देवी और पार्वती मौजूद मौजूद रहे।